बागपत। दो साल बाद इस बार दो अप्रैल से नवरात्र पर माता भगवती की मंदिरों में पूजा होगी। वहीं, मस्जिदों में तरावीह पढ़ी जाएगी। कोरोना संक्रमण के कारण पिछले दो साल से मंदिरों में पूजा और मस्जिद में नमाज बंद थी। लोग घरों में रहकर ही पूजा और नमाज अदा कर रहे थे। मंदिर और मस्जिदों में नवरात्र और रमजान की तैयारियां पूरी कर ली हैं।
कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर का प्रकोप बढ़ने पर शासन-प्रशासन ने मंदिरों में पूजा और मस्जिदों में नमाज पर रोक लगा दी थी। इस बार दो अप्रैल से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्र पर जहां एक ओर मंदिरों में श्रद्धालु मां भगवती की पूजा अर्चना करेंगे। वहीं, दूसरी और तीन या चार अप्रैल से शुरू हो रहे रमजान मुबारक में मस्जिदों में नमाज और तरावीह पढ़ी जाएगी।
नवरात्र पर मंदिरों में तैयारी पूरी
दो अप्रैल को पहला नवरात्र पर मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। इस बार माता रानी अश्व पर सवार होकर आएंगी। नवरात्र पर सर्वार्थ और अमृत सिद्धि योग बन रहा है। इस योग में शुभ कार्यों में सफलता मिलेगी। नवरात्र को लेकर मंदिर में सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। - पंडित राजकुमार शास्त्री, बाबा जानकीदास मंदिर
दो साल बाद मंदिर में होगी पूजा
कोरोना संक्रमण के कारण दो साल से मंदिर बंद थे, नवरात्र पर लोगों ने घरों में ही माता की पूजा-अर्चना की थी। इस बार नवरात्र में मंदिरों में ही मां का गुणगान होगा। नवरात्र को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।-पंडित कृष्णानंद शास्त्री, ठाकुरद्वारा मंदिर
मस्जिदों में होगी नमाज, पढ़ी जाएगी तरावीह
कलेंडर के अनुसार तीन अप्रैल से रमजान का मुबारक महीना शुरू हो रहा है। दो तारीख में चांद दिखने पर तीन और अगर दो अप्रैल को चांद नहीं दिखाई दिया। चार अप्रैल से रमजान का महीना शुरू होगा। रमजान को लेकर मस्जिदों में सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।-हबीबुर्रहमान, शहर काजी
रमजान में बरसती है रहमत
रमजान का महीना खुदा की रहमत का महीना होता है। इस महीने में खुदा के फरिश्ते धरती पर आकर लोगों को उनके गुनाह बख्शते हैं। इस बार रमजान मुबारक महीने में अकीकतमंद मस्जिदों में मुसा की नमाज के साथ 20 रकात तरावीह पढ़ेंगे। रमजान मुबारक महीने में नमाज के साथ तरावीह पढ़नी चाहिए।-मौलवी हाजी जहीर अहमद, अग्रवाल मंडी टटीरी
पंडित राजकुमार शास्त्री- फोटो : BAGHPAT
पंडित कृष्णानंद शास्त्री- फोटो : BAGHPAT
शहर काजी हबीबुर्रहमान- फोटो : BAGHPAT