बागपत जनपद में बड़ौत के शिकोहपुर गांव में शनिवार शाम पेयजल टंकी के लिए प्रस्तावित जमीन की पैमाइश कर रही तहसील प्रशासन की टीम पर अधिवक्ता सत्यप्रिय तोमर ने ग्राम प्रधान से मिलकर गलत पैमाइश करने का आरोप लगाया और जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें बड़ौत के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अधिवक्ता के परिजनों का कहना है कि जिस जमीन पर पैमाइश की गई, वह उनकी है और उन्होंने वर्ष 1992 में गांव के ही अजब सिंह से 600 गज जमीन खरीदी थी। उनके पास सभी अभिलेख हैं। अधिवक्ता बार-बार अभिलेखों को देखने के लिए कह रहे थे और इसे लेकर उन्होंने हंगामा भी किया, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई। उन्होंने डीएम से मामले में कार्रवाई की मांग की।
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तहसीलदार प्रसन्न कश्यप का कहना है कि डीएम के आदेश पर बंजर भूमि से अवैध कब्जा हटवाने गए थे। जिस जगह पर कब्जा है, वहां पर पेयजल टंकी बनने का प्रस्ताव पारित है। कुछ लोगों ने पैमाइश में बाधा डालने का प्रयास किया। पैमाइश सही हुई है।