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ओवरलोडिंग रोकने में नाकाम साबित हो रहा प्रशासन-----

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बड़ौत के कोताना रोड़ से गुजरता ओवरलोड़ गन्नें का ट्रक। - फोटो : BARAUT
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सड़कों पर दौड़े रहे गन्ने लदे ओवरलोडिंग ट्रैक्टर-ट्राली
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। ओवरलोडिंग रोकने में प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है। ट्रैक्टर-ट्रॉली में ओवरलोड गन्ना भरकर ढोया जा रहा है, जो राहगीरों के लिए खतरा साबित हो सकता है। खास बात यह कि ज्यादातर ट्रैक्टर-ट्रॉली बिना परमिट के चले रहे हैं। पुलिस और परिवहन विभाग का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
वर्तमान में गन्ना पेराई सत्र चल रहा है। किसान अपना गन्ना ट्रैक्टर-ट्रॉली से चीनी मिलों को ले जा रहे हैं। किराये पर चलने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली में ओवरलोड गन्ना भरा जा रहा है। इन वाहनों के चालक ज्यादा मुनाफा के चलते ट्रॉला में ओवरलोड गन्ना भरवाते हैं। जब ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क पर चलते हैं, राहगीरों की सांसें अटक जाती हैं। क्षमता से ज्यादा गन्ना भरा होने के कारण ट्रैक्टर आगे से उठ-उठ कर चलते हैं।
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कागजों में ट्रक, गन्ना ट्रॉली में
वैसे तो सेंटर से गन्ना ट्रकों के जरिए चीनी मिलों तक पहुंचाया जाता है, लेकिन चीनी मिलों और परिवहन विभाग की मिलीभगत से ट्रॉलों में गन्ना ढोया जा रहा है। ट्रक में 110 क्विंटल गन्ना ले जा सकता है, जबकि ट्रॉले में दो से तीन सौ क्विंटल से ज्यादा गन्ना ढोकर चीनी मिलों में जा रहा है। ट्रक मालिक धर्मेंद्र का कहना है कि जिले की सभी चीनी मिलों का यही हाल है। चीनी मिल मालिक अपने कागजों में ट्रक से लोडिंग दर्शाते है, लेकिन गन्ना ट्रॉलों से ढोया जा रहा है।
अगर कोई चोरी छिपे ओवरलोड वाहन चला रहा है तो यातायात पुलिस कर्मियों की मदद से पकड़वाया जाएगा। - सुभाष सिंह, एसडीएम।
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