वहीं, आसपास खड़े लोगों के शोर मचाने पर ग्रामीण वहां पहुंचे और उसे तलाश किया। जिसके बाद चांदीनगर पुलिस, खेकड़ा की नायब तहसीलदार, सीओ खेकड़ा भी वहां पहुंचीं। जिन्होंने जेसीबी मशीन मंगाकर शव को बाहर निकाला। उधर, शव देखते ही ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने प्रधान, सचिव और अफसरों पर श्मशान घाट की जमीन में खुदाई कराकर तालाब बनाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने शव को नहीं उठने दिया।
इस दौरान मृतक के परिजन और ग्रामीण डीएम व एसपी को बुलाने की मांग पर अड़ गए। वहां तीन घंटे तक हंगामा होने के बाद एसडीएम ज्योति शर्मा ने मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये मुआवजा और तालाब में मिट्टी डलवाने का आश्वासन देकर शांत कराया। उसके बाद ही शव उठने दिया गया।
नायब तहसीलदार से खींचतान, सीओ को भी लोगों ने घेर लिया
तालाब से शव निकलने के बाद ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया और मृतक के परिवार की महिलाएं भी वहां पहुंच गईं। इस दौरान नायब तहसीलदार मोनिका के साथ महिलाओं की कहासुनी हो गई। बाद में महिलाएं भड़क गईं। वहीं, महिलाओं से बचने के लिए नायब तहसीलदार गाड़ी में बैठ गईं, लेकिन महिलाएं गाड़ी तक पहुंच गईं। गाड़ी में बैठी नायब तहसीलदार के साथ महिलाओं की खींचतान भी हुई। उधर, सीओ प्रीता सिंह को भी ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा और उनको भी घेर लिया। सीओ को घेरने पर पुलिस कर्मियों ने उनको किसी तरह घेरा बनाकर वहां से निकाला।
मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी।
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परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था रिंकू
गौना गांव का रहने वाला राजबीर वाल्मीकि और उसका बेटा रिंकू मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। बताया कि रिंकू परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था। रिंकू के परिवार में एक भाई और एक बहन है। बहन की शादी हो चुकी है।
मेहंदी भी नहीं छूटी और उजड़ गया सुहाग
रिंकू की शादी दो दिन पहले हुई थी। जिसकी पत्नी राखी बुधवार को अपने मायके से आई थी। बताया कि शादी के दो दिन ही होने के कारण रिंकू की पत्नी के हाथों की मेहंदी भी नहीं छूटी थी। मगर उसका सुहाग उजड़ गया। रिंकू की मौत होने से खुशियों के माहौल पर मातम छा गया। उधर, गांव में भी शोक छा गया और मृतक के घर सांत्वना देने वाले काफी लोग पहुंचे। काफी संख्या में ग्रामीण पोस्टमार्टम हाऊस पर पहुंचे।