बागपत। त्योहारों के मद्देनजर चौकसी बरत रही पुलिस ने शुक्रवार को दंगा नियंत्रण योजना का अभ्यास किया। पुुलिस लाइन में किए मॉक ड्रिल में आंसू गैस के गोले छोड़े, रबर बुलेट चलाई और हैंड ग्रेनेड भी फेंके गए। अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को समझाया कि दंगे के दौरान क्या क्या करना चाहिए और क्या क्या नहीं करना चाहिए। बेकाबू भीड़ को पानी की बौछारों से काबू करने की तरकीब भी समझाई।
प्रदेश के सभी जिलों में शुक्रवार को मॉक ड्रिल कराया। बागपत पुलिस लाइन में किए मॉक ड्रिल में सबसे ज्यादा जोर इस बात पर दिया दंगे के दौरान एलआईयू को हर बात पर नजर रखकर अफसरों को जानकारी देनी चाहिए। इसके बाद भीड़ को समझाना जरूरी होता है। यदि हालात बेकाबू होने लगें तो शस्त्रों का प्रयोग किया जाता है।
एसपी जितेंद्र शाही ने सभी थाना प्रभारियों की गाड़ियों में लगे दंगा नियंत्रण उपकरण चेक किए। यह भी देखा गाड़ी में लाउडस्पीकर लगा है या नहीं और लगा है तो काम कर रहा है या नहीं। इसके बाद दंगा नियंत्रण योजना की सेक्टर और जोनल स्कीम पर चर्चा की। इस दौरान एडीएम संतोष कुमार शर्मा, एएसपी विद्या सागर मिश्र भी मौजूद रहे।
अचानक से आ गई पुलिस
बागपत। दंगा नियंत्रण की मॅाक ड्रिल के बाद शहर में अचानक ही चप्पे- चप्पे पर पुलिस तैनात कर दी। यह सेक्टर व्यवस्था को चेक करने के लिए किया, लेकिन लोग चौंकने गए। उन्हें लगा अचानक से पुलिस को क्या हो गया जो बाजारों में गश्त होने लगी। इसके बाद अधिकारियों ने सेक्टर व्यवस्था में की पुलिस तैनाती को चेक भी किया।