बागपत। चार ब्लॉक के 38 गांवों से एनजीटी के आदेश पर उखाड़े गए 538 हैंडपंप अब जल्द रिबोर होंगे। इसके लिए कार्ययोजना तैयार हो गई है। डीपीआरओ आलोक शर्मा ने सभी ग्राम सचिवों की बैठक लेकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देशित किया।
हिंडन और कृष्णा नदी के निकटवर्ती गांवों का पानी दूषित होने के कारण लोग बीमारियों की जकड़ में पहुंच गए थे। एनजीटी ने इसका संज्ञान लिया। नदी के पास के गांव से संबंधित सभी हैंडपंपों के पानी की जांच कराई, जिसमें पानी के नमूने फेल पाए गए। इसके बाद 38 गांवों से 538 हैंडपंपों को लाल निशान लगाकर एनजीटी ने उखड़वाने के निर्देशित किया । आदेश का पालन कर विभागीय अधिकारियों ने अधिकांश हैंडपंपों को उखड़वा दिया। इसके बाद गांव में पानी की समस्या उत्पन्न हो गई । उक्त गांवों के लोगों को अब शुद्ध जल मुहैया कराने की तैयारी की जा रही है। बिनौली, पिलाना, बड़ौत और छपरौली ब्लॉक के 38 गांवों के 538 हैंडपंप रिबोर होंगे। इसके लिए डीपीआरओ आलोक शर्मा ने सभी ग्राम सचिवों की बैठक ली। उन्हें कार्ययोजना से अवगत कराया। बताया कि लोगों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए हैंडपंप रिबोर होंगे। इसके लिए प्राथमिकता से कार्य किया जाएगा। गांव स्तर से जो हैंडपंप को निर्धारित किया जाएगा, उसके ही रिबोर कराया जाएगा। ग्रामीणों को भी रिबोर होने की जानकारी देंगे। ताकि वह पानी का इस्तेमाल कर सके।
सुलझेंगी पानी की समस्या
बागपत। हैंडपंप रिबोर हो जाने के बाद पानी की समस्या का समाधान हो जाएगा। देहात क्षेत्र में पेयजल और अन्य प्रयोग के लिए पानी की समस्या खड़ी हो गई।