बड़ौत (बागपत)। नहरों और रजबहों का अस्तित्व बचाने के लिए रविवार को गूंगा खेड़ी गांव में क्षेत्र के गणमान्य लोगों की बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें नहरों व रजबहों की सफाई जेसीबी की बजाए मजदूरों से कराने का निर्णय लिया। साथ ही सफाई कार्य की जिम्मेदारी हर गांव के प्रधानों को सौंपने की मांग उठाई। साथ ही इस संबंध में सिंचाई विभाग के अफसरों से मिलने का निर्णय लिया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला पंचायत सदस्य व किसान नेता राजेंद्र प्रधान ने कहा कि आज नहरों व रजबहों का अस्तित्व लगातार खत्म होता जा रहा है। अब वे नहरें व रजबहे की जगह मात्र नाली बनकर रह गई हैं। जिसका मुख्य कारण सफाई कार्य को मनरेगा योजना के तहत जेसीबी से कराना है। अधिकारी मजदूरों का अभाव बताकर सफाई कार्य जेसीबी से करा रहे हैं। सही ढंग से सफाई कार्य न होने से उनका अस्तित्व समाप्त होता जा रहा है और किसानों को खेतों में पानी भी पहुंचाने में परेशानियां हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि यह कार्य मजदूरों से प्रधानों की देखरेख में कराया जाए तो इससे मजदूरों को मजूदरी मिल जाएगी और नहरों व रजबहों का अस्तित्व बचा रहेगा। प्रधान संजीव कुमार ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर अब गांव-गांव प्रधानों व गणमान्य लोगों से बातचीत की जाएगी। बैठक में जल्द ही इस मुद्दे को लेकर सिंचाई विभाग के अफसरों सहित डीएम से मिलने का निर्णय लिया। संचालन प्रधान गूंगा खेड़ी संजीव कुमार ने किया। बैठक में प्रधान कुलदीप, रणधीर, अशोक, प्रमोद, धर्मेंद्र, सुबोध, हरवीर, महक सिंह, जयवीर, इलम सिंह, देशपाल, महावीर, उदयवीर आदि रहे।