दोघट (बागपत)। बामनौली गांव में नसबंदी पट्टे की जमीन न मिलने से नाराज एक परिवार ने इच्छा मृत्यु की मांग की है। बामनौली में चकबंदी प्रक्रिया के चलते तीन दर्जन से अधिक परिवार अपनी जमीन से वंचित हैं।
बामनौली निवासी रामफल ने बताया मेरे पिता टीका पुत्र छोटे को वर्ष 1976 में नसबंदी कराने पर सरकार ने पांच बीघा कृषि भूमि जमीन का पट्टा दिया । इस पर कुछ समय बाद ही कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया। इसके बाद 1983 में ग्राम प्रधान ने परिवार की माली हालत देखकर तीन बीघा जमीन का पट्टा दे दिया , लेकिन कुछ समय बाद उस पर भी कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया। इसे पाने के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, उन्हें उनकी जमीन नहीं मिल पाई है। अब रामफल ने मुख्य न्यायाधीश उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली, राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में शिकायती पत्र भेजकर हक न मिलने पर परिवार सहित इच्छा मृत्यु की मांग की है। बामनौली में इच्छा मृत्यु मांगने का यह पहला परिवार नहीं है इससे पहले महेश पाल, घनश्याम, कृष्ण का परिवार भी इच्छा मृत्यु की मांग कर चुके हैं।