संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह समझौते के आधार पर 20 साल पुराने मामले भी निपटाए गए। लोक अदालत में कुल 6343 मुकदमे निस्तारित किए गए। साथ ही दो करोड़ 90 लाख रुपये प्रतिकर और अर्थदंड वसूला गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को वादकारियों की भीड़ उमड़ गई। कुल 20781 मुकदमों पर सुनवाई की गई। समझौते के आधार पर 6343 मुकदमों का निस्तारण किया गया। वर्ष 2002 में विधानसभा चुनाव के दौरान दर्ज हुए आचार संहिता के उल्लंघन के मुकदमे का निस्तारण 20 साल बाद हुआ। मेरठ के सरधना क्षेत्र के छबड़िया निवासी राजेंद्र सिंह को आरोपी बनाया गया था। मुकदमा 20 साल तक न्यायालय में चलता रहा। शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में समझौते के आधार पर जुर्माना लगाकर मुकदमा निस्तारित हुआ। इसके अलावा 15 से 20 वर्ष पुराने वादों में राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण कराया गया। इसके अलावा वर्ष 2006 में दोघट थाने पर धोखाधड़ी का एक मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसमें पुलिस ने एफआर लगा दी थी, जो शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायिक मजिस्ट्रेट वरूण कौशिक ने एफआर स्वीकार कर मुकदमे को निस्तारित किया। इसके अलावा पीएनबी बैंक से वर्ष 2008 में ढिकौली निवासी राजवीर ने ऋण लिया था, जिसे वह अदा नहीं कर पाया। शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक अधिकारियों ने समझौते के आधार पर निस्तारण कराया।