बागपत। रालोद ने नोट बंदी के दिन को काला दिवस के रूप में मनाया। मंडल महासचिव ओमवीर ढाका ने कहा कि लोगों को सरकार की एक गलत नीति के कारण परेशानी झेलनी पड़ी थी। काला धन वापस लाने की जो वायदा किया था, वह पूरा नहीं हो सका है। सोनीपत बस स्टैंड स्थित पार्टी कार्यालय में काला दिवस मनाया गया। इसमें वीरेंद्र कुमार, अमित जैन, योगेंद्र पाबला, अली जान, उस्मान, अमित कुमार, कपिल कुमार, मुबारिक, कल्लू, अकबर अली, जितेंद्र कुमार और मंगत मुखिया मौजूद रहे।
बड़ौत में दिल्ली रोड पर स्थित रालोद कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर देश में नोट बंदी की बरसी को काला दिवस के रूप में मनाया।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि नोट बंदी हुए एक वर्ष पूरा हो गया है, लेकिन देश की अर्थ व्यवस्था दिन प्रतिदिन गिरती जा रही है। लोगों के धंधे चौपट हो गए, लेकिन सरकार अभी भी अपनी पीट थपथपा रही है। जबकि हालत बहुत खराब है। नोट बंदी के विरोध में 155 लोग मर गए थे। वक्ताओं ने सरकार द्वारा घोषित गन्ना मूल्य को लेकर भी रोष जताया और कहा कि ये वही सरकार है जो हमेशा किसानों के खिलाफ रही है। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने की। संचालन प्रमेंद्र तोमर ने किया। इसमें विधायक सहेंद्र सिंह रमाला, पूर्व विधायक साहब सिंह, सुरेश मलिक, विकास प्रधान, विनोद खेड़ा, जगमेहर पंवार, अश्वनी तोमर, जसवीर चेयरमैन, श्याम सिंह, देवपाल राणा, प्रियवत राणा, धीरज उज्ज्वल, बिजेंद्र राणा, जिला उपाध्यक्ष सुबोध राणा, सोमपाल, रविंद्र चेयरमैन आदि उपस्थित रहे।