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%टीबी फोरम’ करेगा मरीजों को जागरूक, समस्या का भी होगा समाधान

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बागपत। जिले में बढ़ रही टीबी के मरीजों की संख्या को देखकर स्वास्थ्य विभाग ने %टीबी फोरम’ का गठन किया । इसके माध्यम से समस्याओं का समाधान होगा और समय पर उपचार कराने की कार्रवाई की जाएगी। बीमारी से बचाव के लिए जागरूक किया जाएगा। शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई होगी। फोरम में अधिकारी, डॉक्टर, सामाजिक संगठन और अधिवक्ता को शामिल किया।
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टीबी के मरीजों की संख्या जिले में बढ़ती जा रही है। जिसका कारण जागरूकता का अभाव है। ऐसे मरीज भी शामिल है जो समय से पहले दवा को छोड़ देते है या दवा लेने में लापरवाही करते है। यह रोग भी लोगों की जानकारी न होने के कारण बढ़ रहा है। टीबी से बचाव और बढ़ती संख्या को देखकर जिले में %टीबी फोरम’ का गठन किया । इसमें अधिकारियों से लेकर, डॉक्टर, अधिवक्ता, सामाजिक संगठन को शामिल किया । फोरम के सभी सदस्य टीबी के मरीजों की हर समस्याओं का समाधान कराएंगे। उन्हें रोग से बचाव के लिए जागरूक करेंगे। जो भी मरीज है उनके उपचार से लेकर खानपान तक की जानकारियां दी जाएगी। ताकि मरीज समय पर स्वस्थ होकर अपने परिवार के साथ जीवन यापन कर सके। जल्द फोरम के सदस्यों को चिकित्सकों द्वारा रोग से बचाव और उपचार सहित विभिन्न जानकारियां दी जाएगी। ताकि सदस्य टीबी से पीड़ित को उपाय कर सके। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. लोकेश कुमार ने कहा कि टीबी रोग से बचाव के लिए %टीबी फोरम’ का गठन किया।

%टीबी फोरम’ की टीम
बागपत। टीबी फोरम के अध्यक्ष डीएम होंगे और उपाध्यक्ष नगर पालिका बागपत के ईओ होंगे। डीडीओ और सीएमओ को सदस्य बनाया। इसके अलावा डब्ल्यूएचओ के टीबी कंसलटेंट, डॉ. सुखपाल सिंह, आईएमएस डॉ. सुखपाल तोमर, नवोदय लोक चेतना कल्याण समिति से देवेंद्र धामा, जीत प्रोजेक्ट से शहनवाज राणा, टीबी यूनिट छपरौली से सोमदत्त, खेकड़ा से प्राची, पिलाना से जितेंद्र, बड़ौत से शहनवाज, बिनौली से वसीम, डाट्स सुपरवाइजर जब्बार खान, आरसीएच प्रभारी अधिकारी डॉ. भुजवीर सिंह, अधिवक्ता जितेंद्र जावला को फोरम में शामिल किया।
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टीबी के 2400 मरीजों का चल रहा उपचार
बागपत। टीबी के जिला समन्वयक मनीष पांडेय ने बताया कि जिले में एक जनवरी 2018 से और फरवरी 2019 तक 2400 टीबी के मरीजों का उपचार विभाग की ओर से चल रहा है। इनमें ऐसे मरीज भी शामिल है जिनको विशेष घर-घर खोजो अभियान के दौरान चयनित किया।
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