बागपत। हार्ड केडी के नाम से मशहूर देश की पहली डब्ल्यूडब्ल्यूई रेसलर कविता दलाल ने बिजवाड़ा गांव में अमर उजाला फाउंडेशन की अनूठी पहल अपराजिता : 100 मिलियन स्माइल्स का पोस्टर लांच किया। उन्होंने कहा कि लड़कियां किसी भी सूरत में लड़कों से कम नहीं है। जरूरत जानकारी, जागरूकता और हिम्मत की है। दिल, दिमाग और शरीर से लड़कियों को मजबूत बनने की जरूरत है। लड़की को खुद को किसी भी सूरत में कमजोर नहीं समझना चाहिए। जागरूकता और प्रेरणा के लिए अमर उजाला का अभियान सराहनीय है। उन्होंने कहा यदि मां, बहन और बेटी जागरूक होगी तो समाज एक साथ जुड़ेगा और महिलाओं की सामाजिक स्थिति में भी सुधार होगा। उन्होंने कहा शिक्षा और खेल में महिलाओं को आगे आना चाहिए। अपने हकों की जानकारी होनी चाहिए, तभी अधिकारों की लड़ाई लड़ी जा सकती है।
कविता दलाल का ब्योरा
बागपत। हरियाणा के जींद जिले के मालवी गांव की बेटी और बागपत के बिजवाड़ा गांव की बहू कविता दलाल दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुकी है। डब्ल्यूडब्ल्यूई करार करने वाली वह पहली भारतीय महिला बनीं। चार बार सीनियर नेशनल चैंपियन, साउथ एशियन गेम्स में चैंपियन के अलावा वुशु में भी नेशनल और गेम्स चैंपियन रह चुकी हैं।
किसी से कम नहीं, देश का भविष्य हैं बेटियां : राखी त्यागी
बागपत। राज्य महिला आयोग की सदस्य राखी त्यागी ने बागपत में अमर उजाला फाउंडेशन की अनूठी पहल अपराजिता : 100 मिलियन स्माइल्स का पोस्टर लांच किया। उन्होंने कहा कि बेटी किसी से कम नहीं है, देश का भविष्य है। उन्होंने कहा शिक्षा, चिकित्सा, खेल और राजनीति में महिलाओं ने खुद को साबित करके दिखाया है। उन्होंने कहा वर्तमान में महिलाओं को अपने अधिकारों को जानने और शिक्षित होने की जरूरत है। उन्होंने कहा शिक्षित महिलाएं ही समाज की दशा और दिशा तय कर सकता है। शिक्षा का उजियारा शहर से लेकर देहात तक समान रूप से फैलना चाहिए। उन्होंने कहा महिलाओं को सकारात्मक उर्जा के साथ आगे बढ़ना चाहिए। जरूरी है कि महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और नेतृत्व करते हुए आगे बढ़ें।