बागपत। नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा अर्चना की गई। कमल के फूल और पंच मेवा से पूजन किया। बाबा जानकी दास मंदिर में दुर्गा सरस्वती का पाठ किया गया। पुरानी तहसील मोहल्ले और किशनपुर बराल में मां भगवती का जागरण का आयोजन किया।
बुधवार को नवरात्र के सातवें दिन मां भगवती के सातवें स्वरूप कालरात्रि की आराधना की गई। ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया मां कालरात्रि का स्वरूप भले ही भयानक है, लेकिन इनका स्वभाव अत्यंत मुलायम हैं। ये भक्तों पर समान कृपा करती है। जो राक्षसी प्रवृत्ति के लोग है उनके लिए यह रूप भयानक है। काली शब्द का अर्थ काल यानि समय। वेदों के अनुसार समय ही आत्मा है। आत्मा ही समय है। माता काली की उत्पत्ति धर्म की रक्षा और राक्षसों के विनाश के लिए हुई। कलयुग में तीन देवता जाग्रत बताए गए हैं। भगवान हनुमान, माता काली और भैरव। माता काली की उपासना से जीवन में सुख शांति, विद्या और शक्ति की प्राप्ति होती है। इनकी उपासना से शरीरिक, मानसिक और आर्थिक कष्टों से मुक्ति मिलती है तनाव, भय, कलह का नाश करने वाली माता महाकाली है।
बाबा जानकी दास मंदिर में दुर्गा सरस्वती का पाठ हुआ और मां की दिव्य आरती हुई। दुर्गावती, प्रियंका, भगवान देई, राजेश, संजय, विजय, अजय, मनीष, भूपेंद्र शर्मा, दुर्गेश कौशिक, मंजू, विश्वनाथ मौजूद रहे। शहर के पुरानी तहसील मोहल्ले में मां भगवती का जागरण हुआ। इसमें प्रसिद्ध कलाकारों ने मां दुर्गा का गुणगान किया। भजनों पर श्रद्धालुओं ने नृत्य किया। इसमें देवेंद्र शर्मा, रामकिशन, विकास शर्मा, उपेंद्र, दिनेश, राजीव, अंशुल, विनय का सहयोग रहा। रमाला क्षेत्र के किशनपुरा में मां भगवती का जागरण हुआ। इसका उद्घाटन ऋषिपाल कश्यप ने किया। इसमें विनोद कुमार कश्यप, बंटी, राजू, कृष्णपाल, सुरेंद्र सिंह, मदन पाल, रणवीर, नानूराम, नीरज कुमार मौजूद रहे।
अष्टमी पर आज निकाली जाएगी पंखा यात्रा
बागपत। जिलेभर में बृहस्पतिवार को दुर्गा अष्टमी मनाई जाएगी। श्रद्धालुओं पूजा अर्चना के बाद व्रत खोलेंगे। दुर्गाष्टमी पर पंखा शोभायात्रा निकाली जाएगी। ठाकुरद्वारा मंदिर से शहर के पक्का घाट तक पंखा यात्रा निकाली जाएगी। दुर्गा नवयुवक मंडल के अध्यक्ष कपिल गुप्ता उर्फ कन्हैया ने यह जानकारी दी।
वहीं घरों में देवी स्वरूपी कन्याओं को भोज कराया जाएगा। श्री सनातन धर्म प्रचार समिति मंदिर श्री शालिगराम काली मंदिर के सचिव विश्वंभर दयाल ने बताया बृहस्पतिवार को मंदिर में अष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। मंदिर में हवन होगा। पुजारी पंडित राकेश कुमार शर्मा मंत्रोचार के साथ हवन कराएंगे।