दोघट (बागपत)। कस्बा टीकरी में कूड़े के ढेर में मृत गोवंशीय पशु के शव को दबा दिया। नाराज ग्रामीणों ने नगर पंचायत के खिलाफ हंगामा प्रदर्शन कर धरना दिया। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर शांत किया और गड्ढा खुदवाकर पशु के शव को दफनाया। ग्रामीणों ने कहा यदि दोबारा गोवंशीय पशु के शव को कूड़े के ढेर में दबाया तो अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर देंगे।
टीकरी कस्बे में स्थित गोशाला में मंगलवार को गोवंशीय पशु की मौत हो गई। नगर पंचायत कर्मियों ने कस्बे के बाहर कूड़े के ढेर में मृत पशु के शव को दबा दिया। इसके विरोध में ग्रामीणों ने हंगामा कर धरना शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि गोशाला में गोवंशीय पशुओं की मौत होने के बाद उसे गहरे गड्ढे में नहीं दफनाया जाता है। नगर पंचायत के कर्मचारी मृत पशु के शव कूड़े के ढेर में ही दबा देते हैं। जिसे कुत्ते उखाड़कर नोंचते रहते हैं। कुछ दिन बाद बदबू आने लगती है। इससे बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों ने बताया कि गोशाला में गोवंशीय पशु गर्मी व भूख प्यास के कारण मर रहे हैं। गोशाला में नियमित रूप से कोई चिकित्सक भी नहीं रहता है। एक सप्ताह पहले भी तीन गोवंशीय पशुओं की मौत हो गई थी। नगर पंचायत के कर्मियों ने तीनों पशुओं के शवों को कूड़े के ढेर में दबा दिया था। इसमें महिपाल, मनोज, नितिन, नीरज, सौरभ, विपुल, विक्रांत, अनीता, अरुण, शिवकुमार, अंकित, रोहित, सरोज आदि रहे। इस संबंध में एसडीएम बड़ौत गुलशन कुमार ने बताया कि ईओ से बात कर मृतक गोवंशीय पशु के शव को गहरे गड्ढे में दफनाया। मामले से जिलाधिकारी को अवगत कराया दिया गया है।
गोशाला मेें पशुओं की हो रही दुर्दशा, कमेटी गठित
दोघट। कस्बा टीकरी में पक्की चौपाल पर गोशाला में मर रहे गोवंशीय पशु को लेकर पंचायत हुई। अध्यक्षता करते हुए जसवीर सिंह ने कहा कि गोशाला में पशुओं की दुर्दशा हो रही है। गोशाला में उनकी सही देख रेख नहीं हो पाती है। क्षमता से अधिक पशु गोशाला में बंद हैं। पंचायत में एक कमेटी बनाई। जो गोवंशीय पशुओं के लिए चारा एकत्र कर गोशाला में पहुंचाएंगे, ताकि किसी भी गोवंशीय पशु को कोई परेशानी न होने पाए। कमेटी शीघ्र ही डीएम से भी मिलेगी। सभी गोवंशीय पशुओं का पंजीकरण कराया जाए। संचालन अरूण राठी ने किया। इसमें कृष्णपाल, महेंद्र, विजय राठी, मांगेराम, राजवीर, जय कुमार, जितेंद्र, ओमवीर, मूलचंद, आनंद प्रकाश, शिवकुमार, सरदार सिंह, संजीव मौजूद रहे।