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बामनौली में भूमि की पैमाइश को लेकर हंगामा

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बामनौली में भूमि की पैमाइश को लेकर हंगामा
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दोघट। बामनौली गांव में चकबंदी अधिकारी किसान रविंद्र की भूमि की पैमाइश करने पहुंचे। दूसरे पक्ष ने पैमाइश का विरोध किया और पुलिस के सामने किसान के भाई से मारपीट कर दी। पुलिस तीन लोगों को हिरासत में लेकर थाने ले गई। चकबंदी अधिकारी बिना पैमाइश किए वापस लौट गए। पीड़ित किसान ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी।
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बामनौली निवासी रविंद्र पुत्र राधेश्याम ने तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र में बताया था कि उसका चक उसके पिता के नाम है। गांव में चकबंदी प्रक्रिया के बाद वर्ष 2015 में कब्जा परिवर्तन कराया गया था। लेकिन अभी तक चक की पैमाइश कराकर कब्जा नहीं कराया गया है। उसने 16 जून को लखनऊ में मुख्यमंत्री के आवास पर आत्मदाह करने की चेतावनी भी दी थी। शुक्रवार को डीएम पवन कुमार के निर्देश पर चकबंदीकर्ता मुकेश कुमार, कुंवर मोहम्मद अब्दुल्ला, वेदपाल सिंह, लेखपाल गोपाल, कंवरपाल, चकबंदी लेखपाल अंकित कुमार पुलिस फोर्स के साथ किसान रविंद्र की भूमि की पैमाइश करने पहुंचे। इसी समय दूसरा पक्ष अनुज भी खेत में पहुंच गया। यहां 11 बीघा जमीन की पैमाइश शुरू हुई। दूसरे पक्ष के लोगों ने पैमाइश का विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। किसान रविंद्र के भाई धर्मेन्द्र के साथ पुलिस के सामने मारपीट की। पुलिस ने किसी तरह उसे बचाया। आरोपी पक्ष के तीन लोगों को हिरासत में लेकर थाने ले गई। हंगामे के बाद चकबंदी अधिकारी भी पैमाइश किए बिना लौट गए। पीड़ित किसान रविंद्र ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी। किसान रविंद्र ने बताया कि वह चार साल से जमीन के लिए चक्कर काट रहा है। आरोपी जब पुलिस के सामने उनके साथ मारपीट कर सकते है तो बाद में तो वे कोई अप्रिय घटना को अंजाम दे सकते है। उसने पुलिस से सुरक्षा की मांग की। थानाध्यक्ष अजय शर्मा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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