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जैविक खाद का इस्तेमाल करें किसान : डॉ. गजेंद्र सिंह

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खेकड़ा (बागपत)।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ. गजेंद्र पाल सिंह ने कहा किसान खेती की आधुनिक तकनीक अपना कर अपनी आमदनी को बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा किसान को अपना फसलों में जैविक खाद का इस्तेमाल करना चाहिए।
शहर में स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में मंगलवार को सस्य विभाग के तत्वावधान में प्राकृतिक संरक्षण तकनीकी विषय पर आयोजित एक दिवस प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ केंद्र प्रभारी डॉ. गजेंद्र पाल सिंह ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि केन्द्र का मुख्य उद्देश्य जनपद के कृषकों एवं कृषकों के साथ जुडे़ समस्त कृषि विभागों के अधिकारियों को प्रशिक्षण, प्रदर्शन एवं गोष्ठियों के माध्यम से प्रशिक्षित कर खेती की नवीनतम तकनीकी जानकारी से अवगत कराना है। प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि आज की मुख्य आवश्यकता प्रकृति को बचाकर खाद्यान्न उत्पादन करने की है। इसके तहत जीरो जुताई धान की सीधे बुवाई, फसल अवशेष प्रबंधन के अंतर्गत हैप्पी सीडर, मल्चर आदि कृषि यंत्रों का प्रयोग, बेड पर धान व सब्जी की नर्सरी तैयार करना, फसलों को अदल बदल कर बोना अर्थात फसल चक्र को अपनाना, व धान रोपाई के साथ ढैंचा की बुवाई कर 20.21 दिन बाद खरपतवार नाशी से ढैंचा को सड़ाना, ब्राऊन मैन्यू रिंगद्ध कार्य करने से प्राकृतिक संरक्षण किया जा सकता है।।
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उन्होंने कहा फसल अवशेषों का प्रयोग खेती में करके मृदा में कार्बनिक कार्बन की मात्रा में सुधार किया जा सकता है। केंद्र के प्रशिक्षण सहायक डॉ. भूपेंद्र कुमार ने बताया कि रसायन की इस्तेमाल से भूमि की गुणवत्ता में लगातार कमी आ रही है, इसके फलस्वरूप फसलों में सूक्ष्म तत्वों की उपलब्धता में भी गिरावट आई है। अत: रयायनों का न्यूनतम प्रयोग करना चाहिए। इसमें प्रावैधिक सहायक सर्वेश कुमार, अजित गिरि, दीपक धनकड़, हरेंद्र आर्य, रविंद्र कुमार, मनीष त्रिपाठी आदि रहे।
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