बागपत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे का शिलान्यास समारोह पूरी तरह राजनीतिक रंग में रंगा नजर आया। भाजपा शीर्ष नेतृत्व के अलावा मंच पर संगठन के पदाधिकारियों को जगह मिली। पूर्व मंत्री अनुराधा चौधरी समेत कई पुराने नेता भी मंच पर नजर आए। केंद्र सरकार की पिछले चार साल की उपलब्धियों को गिनाया और भविष्य के वायदे किए गए। युवाओं को लुभाने के लिए कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी गई।
रालोद की सियासी नाव भले ही हिचकोले खा रही हो, लेकिन बागपत में पार्टी के वजूद को नकारा नहीं जा सकता। यही वजह है कि भाजपा का पूरा ध्यान बागपत से पश्चिम यूपी की किसान लॉबी को साधने पर लगा हुआ है। रालोद के गढ़ में भाजपा के दिग्गज तो मौजूद थे। लोकसभा चुनाव का बिगुल भी फूंक दिया। संगठन के पदाधिकारियों में भाजपा जिलाध्यक्ष संजय खोखर, क्षेत्रीय अध्यक्ष अश्वनी त्यागी, क्षेत्रीय महामंत्री संगठन अजय कुमार, प्रदेश मंत्री देवेंद्र चौधरी, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष डीके शर्मा, हरवीर मलिक, उपेंद्र सिसौदिया को भी मंच पर जगह मिली। पुराने नेताओं में पूर्व मंत्री अनुराधा चौधरी और पूर्व विधायक साहब सिंह भी मंच पर नजर आए। एक तरीके से भाजपा ने बागपत से चुनावी शंखनाद कर दिया है। किसानों के साथ युवाओं को साधने की पुरजोर कोशिश की गई। सीएम योगी आदित्यनाथ का भाषण चार साल मेें कराएं गए विकास पर रहा। विकास की उपलब्धियां गिनाते वक्त सीएम ने विपक्ष पर भी जमकर हमला बोला और वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव की नीेंव रखी। गरीबों और पिछड़ों को साधा गया। कहा कि पिछली सरकार ने बागपत जिले के साथ सौतेला व्यवहार किया है। चाहे दिल्ली-सहारनपुर हाईवे की बात हो या फिर बकाया गन्ना भुगतान व बिजली की। सरकारी नौकरियों में भी जमकर धांधली हुई। सीएम ने कांवड़ यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने अपने भाषण में युवाओं व किसानों को रिझान में कोई कसर नहीं छोड़ी।