विद्युत लाइन पर किसान-प्रशासन आमने-सामने
बागपत। हरसिया विद्युत लाइन को एक बार फिर अहेड़ा में किसानों ने काम रुकवा दिया। किसानों ने कहा कि पहले मुआवजा तय होगा, उसी के बाद ही लाइन खिंचने दी जाएगी। इसे लेकर अफसरों और किसानों के बीच काफी नोकझोंक हुई। किसान अफसरों की गाड़ी के आगे बैठ गए।
बागपत से हरसिया बिजलीघर पर हाईटेंशन लाइन ले जाने के लिए टावर खड़े किए जा रहे है। कई गांव के किसानों ने अहेड़ा गांव में पिछले चार माह पूर्व ही काम रुकवा दिया था। उनकी मांग है कि उनको जमीन का उचित मुआवजा मिले, उसके बाद ही खेत के ऊपर से लाइन गुजारने दी जाएगी। किसानों और प्रशासन के बीच कई बार वार्ता हुई। लेकिन कोई निर्णय नहीं हुआ। 13 अगस्त को प्रशासन ने किसानों की मर्जी के खिलाफ टावर का काम शुरू करा दिया था।
शनिवार को एडवोकेट सोमेंद्र ढाका के नेतृत्व में सैकड़ों किसान खेत में पहुंच गए और काम रुकवा दिया। इसका पता चलते ही एसडीएम विवेक कुमार यादव, तहसीलदार राजबहादुर सिंह, सीओ दिलीप सिंह पुलिस टीम के साथ वहां पर पहुंचे। किसानों ने रास्ते में ही उनको रोक दिया और उनकी गाड़ी के आगे बैठ गए। इसको लेकर किसानों और अफसरों की काफी नोकझोंक हुई। किसानों ने अल्टीमेटम दिया कि पहले उचित मुआवजा तय हो, उसी के बाद काम शुरू करने दिया जाएगा। उधर, एसडीएम विवेक कुमार यादव का कहना है कि विद्युत लाइन का काम बंद नहीं हुआ है। कुछ किसान आपत्ति कर रहे थे। उन्हें समझा दिया गया है। कार्य बंद नहीं होगा। एडवोकेट सोमेंद्र ढाका ने बताया कि लाइन को लेकर शनिवार को इस मामले में पंचायत की जाएगी। हंगामे के दौरान ओमबीर, हेमराज, पाले, जगबीर, खेमचंद, रज्जू, कालू, ब्रहमपाल, मोनू, पप्पू, सतपाल, लीलू, राजकरण मौजूद रहे।
उधर, टॉवर का काम करने वाले मजदूरों ने अपने एक साथी को जबरदस्ती किसानों द्वारा ले जाने का आरोप लगाया। पता चलते ही किसानों ने हंगामा शुरूकर दिया। थोड़ी देर बाद ही वह मजदूर भी वहां पर पहुंच गया।