बागपत। उत्तर प्रदेशीय पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ का कहना है कि बेसिक शिक्षकों के समायोजन और स्थानांतरण के लिए जो शासनादेश जारी किया उसमें खामियां है। जो शिक्षक हित में नहीं है। विसंगतियों को दूर किया जाना चाहिए।
शुक्रवार को उत्तर प्रदेशीय पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी कलक्ट्रेट पहुंचे। जिलाध्यक्ष विकास मलिक ने बताया कि स्थानांतरण और समायोजन का जारी हुआ शासनादेश त्रुटिपूर्ण है। शिक्षकों का उत्पीड़न हुआ है। समायोजन गत वर्षों की भांति किया जाए। शासनादेश में विज्ञान, गणित शिक्षकों के समायोजन के संबंध में कोई दिशा निर्देश नहीं है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अनुसार शिक्षकों को तैनाती कराए जाए। अंतर जनपदीय स्थानांतरण की समय सीमा तीन वर्ष होनी चाहिए। पूर्व में अंतर जनपदीय स्थानांतरण ले चुके शिक्षकों का भी ट्रांसफर करते हुए उन्हें प्रतिबंध से मुक्त रखा जाए। दिव्यांगों को समायोजन से अलग रखे, इससे पहले पदोन्नति और इससे समायोजन से कम शिक्षक प्रभावित होंगे एवं सरप्लस शिक्षकों की संख्या कम होगी। प्राथमिक विद्यालयों के 208 और प्रधानाध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लगभग 170 पद रिक्त हैं। लगभग 300 पदों पर समायोजित हो जाएगी। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम कलक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों की समस्या पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन होगा। महामंत्री हरपाल सिंह, राकेश यादव, योगेश शर्मा, मनोज कुमार, जयवीर सिंह, अवधेश कुमार, जितेंद्र तोमर, लोकेंद्र शर्मा, वीरेंद्र सिंह, मौजीराम, प्रदीप शर्मा, जयकुमार, रूपेश चौधरी, विजय विमल, भावना शर्मा, ईश्वरपाल प्रहलाद यादव, शिवकुमार, जितेंद्र राठी, धर्मेंद्र शर्मा मौजूद रहे।