बागपत। पहाड़ और मैदानी क्षेत्रों में हो रही बारिश के बाद यमुना का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। हथिनी कुंड बैराज से यमुना में बृहस्पतिवार को 7.91 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिले के करीब 29 गांव यमुना नदी के किनारे बसे हैं। जिला प्रशासन ने यमुना किनारे बसों गांवों के लिए अलर्ट जारी किया।
पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण यमुना में पानी छोड़ा जा रहा है। बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक 7. 91 लाख क्यूसेक पानी यमुना में छोड़े जाने से यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। ड्रेनेज खंड शामली-मुजफ्फरनगर के सहायक अभियंता अशोक कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार की देर रात को भी और अधिक पानी छोड़ा जा सकता है। इससे यमुना का जल स्तर बढ़ जाएगा। जिले के 29 गांव के लोगों की नींद उड़ने लगी है। छोड़ा गया पानी शुक्रवार की देर शाम तक जिले की सीमा में पहुंचने की संभावना है। इसे देखकर प्रशासन ने अलर्ट जारी किया। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने सभी बाढ़ नियंत्रण चौकियों को भी मुस्तैद रहने के निर्देश दे दिए हैं। लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
यमुना के निकटवर्ती गांव
बागपत तहसील के बागपत, पाली, सिसाना, निवाड़ा, गौरीपुर जवाहरनगर, नैथला, फैजुल्लापुर, फैजपुर निनाना, खेड़ा इस्लामपुर, राजपुर खामपुर, सुल्तानपुर हटाना, खेकड़ा तहसील के काठा, नंगला बहलोलपुर, मवी कलां, सांकरौद, सुभानपुर, नूरपुर खालसा, अब्दुलपुर, बड़ौत तहसील के छपरौली, टांडा, नांगल, कुर्डी, बदरखा, ककौर, शबगा, जागौस, अकबरपुर, खेड़ी प्रधान, कोताना है।
यहां बनाई बाढ़ चौकी स्थल
बागपत तहसील, खेकड़ा तहसील, पाठशाला पुलिस चौकी, थाना छपरौली, प्राथमिक पाठशाला जागौस, कोताना पंचायत चौपाल को बाढ़ चौकी बनाया गया है।