बड़ौत (बागपत)।
अंधाधुंध विद्युत कटौती और त्रुटि पूर्ण विद्युत बिल भेजने के विरोध मेें बुधवार को कई गांवों की ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने विद्युत कार्यालयों पर पहुंचकर हंगामा कर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों की विद्युत कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई। वहीं कई गांवों में विद्युत निगम की मनमानी को लेकर पंचायत हुई, इसमेें समस्याओं का समाधान न होने पर उग्र आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया।
मलकपुर, जौनमाना, ढ़िकाना, किरठल, सिनौली आदि गांवों के ग्रामीण एक्सईएन प्रथम कार्यालय में पहुंचे और प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा उपभोक्ताओं को पिछले कई माह से त्रुटिपूर्ण विद्युत बिल भेजे जा रहे हैं। इस कारण उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। त्रुटि पूर्ण विद्युत बिल को ठीक कराने के लिए विद्युत कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। साथ ही भारी विद्युत कटौती से गांवों मेें पेयजल संकट गहरा गया है। वहां अधिशासी अभियंता के नहीं मिलने पर ग्रामीण मायूस होकर लौट गए।
उधर, नगरवासियों ने मुख्य शिकायत केंद्र पर पहुंचकर अंधाधुंध विद्युत कटौती के विरोध में प्रदर्शन किया। वहां समक्ष अधिकारी के न मिलने पर उपभोक्ता एक्सईएन द्वितीय कार्यालय पहुंचे। जहां उनकी कर्मचारियों से नोकझोंक हुई। उपभोक्ताओं ने कहा भयानक गर्मी में विद्युत कटौती से पेयजल संकट गहरा गया है। उधर दोघट कस्बे के काफी उपभोक्ता माठू पहलवान व कय्यूम के नेतृत्व मेें कार्यालय में पहुंचे। उन्होंने कहा उन्हें बढ़े हुए बिल भेजे जा रहे हैं। जब तक बढे़ विद्युत बिल ठीक नहीं होंगे, तब तक कोई भी उपभोक्ता बिल जमा नहीं करेगा। कय्यूम ने रमजान माह के चलते कम से कम 22 घंटे सप्लाई की मांग उठाई। रोजेदारों ने बताया कि विद्युत कटौती से रोजा इफतार करने में ेंपरेशानी होती हैं। बार-बार शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने बैठक कर समस्या का जल्द समाधान न होने पर उग्र आंदोलन शुरू करने की रणनीति बनाई। इसमें एहसान, राकेश पांचाल, सनवर, नदीम, नाजिम, अंसार आदि रहे। उधर छछरपुर और बिजरौल गांव में त्रुटिपूर्ण विद्युत बिल भेजने व बिजली कटौती पर पंचायत कर आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया। एसडीओ सुधाकर ने कहा ऊपर से जितनी बिजली मिल रही है, उतनी ही बिजली उपभोक्ताओं को दी जा रही है।