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संभल कर चलें मेले में शहर की सड़कों पर

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Walk carefully on the streets of the city in the fair - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। पूजा के पंडाल सज गए हैं। रोशनी से शहर जगमग है। इस चमक-दमक में यह न भूलें कि शहर सड़कें अभी ज्यों की त्यों हैं। जगह-जगह गड्ढे हैं, जिनको प्रशासन पाट नहीं पाया है। मेले की चमक-दमक और भीड़ में जरा सा ध्यान हटने पर सड़कें दर्द दे सकती हैं।
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रामलीलाएं चल रहीं हैं और दुर्गापूजा पंडाल सज गए हैं। मंदिरों की भी सजावट की गई है। सड़कों पर भी विद्युत झालरों से सजावट की गई है। जगमगाहट और पंडालों की भव्य सजावट की चकाचौंध में सड़कों की बदहाली पर ध्यान नहीं जा रहा है। सरकार ने 15 सितंबर से सड़कों को गड्ढामुक्त कराने का निर्देश दिया था। बजट भी जारी हो गया। इसके बावजूद एक महीने में लोक निर्माण विभाग सड़कों को गड्ढा मुक्त नहीं कर पाया। इससे नवरात्र मेले में घूमने वालों को परेशानी हो रही है। मेला घूमने वालों बच्चे ज्यादा होते हैं। सजावट देखने के चक्कर में सड़क के गड्ढों में गिरकर चुटहिल हो सकते हैं।
नवरात्र से पहले सड़कों के गड्ढों को पाटने का प्रयास शुरू हुआ था। गांधी प्रतिमा के पास के गड्ढ़ों को पाटा गया लेकिन उसके बाद बारिश हो गई और फिर से गड्ढा हो गया। गुरुघाट से पांडेय बाजार, पुरानी सब्जी मंडी से लेकर बदरका, पुरानी कोतवाली से दलालघाट, कोट चौराहा से हर्रा की चुंगी मार्ग की हालत सबसे ज्यादा खराब है।
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हर गली पूजा पंडाल
आजमगढ़। नगर की लगभग हर गली में पूजा पंडाल और प्रतिमाओं की स्थापना की गई है। सड़कों से ज्यादा खस्ता हाल गलियां हैं। कोतवाली परिसर में शांति समिति की बैठक में सड़कों और गलियों की बदहाली का मुद्दा उठा था। तब प्रशासन ने युद्ध स्तर पर काम करके सड़कों की दशा सुधारने को कहा था लेकिन हुआ कुछ नहीं।
बारिश के कारण सड़कों को गड्ढ़ामुक्त नहीं किया जा सका है। जल्द ही सड़कों केे गड्ढ़ामुक्त करने की कवायद शुरू की जाएगी। जल्द ही हमारे अधीन आने वाली शहर क्षेत्र की सभी सड़कों को गड्ढ़ामुक्त कर दिया जाएगा।
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विजय सिंह, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी।
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