उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने 66 क्षयरोगियों को गोद लिया था, जिसमें से 52 लोग ठीक हो गए। विश्वविद्यालय में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें देसी गाय के गोबर की धूपबत्ती, राखी, गणेश लक्ष्मी की मूर्ति, एंटी रेडिएशन चिप और मिट्टी के खिलौने बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
स्वरोजगार मेला लगाकर उसकी बिक्री भी कराई जा रही है। कार्यक्रम में कुलसचिव महेंद्र कुमार, सहायक कुलसचिव बबीता सिंह, विशेष कार्य अधिकारी डॉ.केएस तोमर, डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव ,एनएसएस समन्वयक डॉ. राकेश यादव, डॉ. जगदेव आदि उपस्थित रहे।
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