वाराणसी आ रहे अमित शाह: पूर्वांचल के विधायकों और पदाधिकारियों की लेंगे 'क्लास', कई मंत्री भी होंगे मौजूद
यूपी चुनाव 2022 से पहले सक्रिय हो रहे विपक्ष पर प्रभावी पलटवार की रणनीति के लिए गृहमंत्री अमित शाह पूर्वांचल की कमान संभालने के लिए पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र आ रहे हैं।
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वाराणसी दौरे पर आ रहे गृहमंत्री अमित शाह प्रदेश के विधानसभा चुनाव का प्रबंधन संभालने वाली टीम की भी क्लास लगाएंगे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री और प्रदेश चुनाव प्रभारी धमेंद्र प्रधान सहित उनकी पूरी टीम भी यहां पहुंचेगी। इसके साथ ही काशी क्षेत्र के 71 विधानसभाओं के पदाधिकारी और विधायक भी अपने कामकाज के ब्यौरे के साथ हाजिर होंगे। गृहमंत्री गोरखपुर क्षेत्र की बैठक आजमगढ़ में लेंगे।
सक्रिय हो रहे विपक्ष पर प्रभावी पलटवार की रणनीति के लिए अमित शाह पूर्वांचल की कमान संभालने काशी पहुंच रहे हैं। 12 नवंबर की दोपहर वे यहां पहुंचेंगे और आठ घंटे में छह बैठक कर वे संगठन की पेंच सकेंगे। अगले दिन राजभाषा विभाग गृह मंत्रालय की ओर से हस्तकला संकुल में संवैधानिक दायित्वों के अंतर्गत केंद्र सरकार के कार्यालयों, विभागों, बैंकों में हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
दोपहर बाद वे आजमगढ़ में चुनावी रैली को संबोधित करेेंगे। यहां बता दें कि पूर्वांचल में चुनाव से पहले संगठन की कार्यशैली और चुनाव के दौरान की कार्ययोजना पर संगठन के साथ चर्चा करेंगे। इस दौरान प्रदेश प्रभारी, सह प्रभारियों के साथ चुनाव प्रबंधन में जुटी टीम से भी वे अब तक की तैयारियों पर चर्चा करेंगे।
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मिशन 65 के लक्ष्य पर टिकी निगाह
काशी क्षेत्र की 71 विधानसभा सीटों पर वर्ष 2017 में भाजपा ने 55 सीटों पर फतह पाई थी। यूपी में दोबारा सत्ता पाने के लिए पूर्वांचल पर पकड़ मजबूत करने में जुटी भाजपा पूर्वांचल में 65 सीटों पर विजय का लक्ष्य लेकर चल रही है। इस लक्ष्य को पाने के लिए पूर्वांचल की सियासत की नब्ज भांपने वाले अमित शाह ने खुद कमान संभाली है।
कारण, उनके नेतृत्व में ही वर्ष 2014, 2017 और 2019 में पूर्वांचल में भाजपा ने क्लीन स्वीप जैसी स्थिति बनाई थी। सुभासपा के सपा के पाले में जाने के बाद भाजपा अब नई रणनीति के साथ मैदान में उतरेगी। 12 नवंबर को चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में दोपहर 12 बजे से ही मंथन शुरू होगा।
भाजपा पदाधिकारियों की बैठक में अमित शाह एक एक सीट पर मंथन करेेंगे। माना जा रहा है कि इसी आधार पर विधानसभा चुनाव में टिकट निर्धारित करने की भी रूपरेखा तय हो जाएगी। इसमें खराब प्रदर्शन करने वाले विधायकों और प्रत्याशियों का भी भविष्य तय कर लिया जाएगा।
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