अभियुक्त के लैपटॉप को चेक करने पर उसमें फर्जी सॉफ्टवेयर लोड मिला। अभियुक्त के मोबाइल में वाट्सएप चैट में कई नंबरों पर ई-टिकट व सॉफ्टवेयर के लेनदेन से संबंधित हुई चैटिंग भी मिली। इसके साथ ही मौके से आठ सामान्य व तत्काल रेलवे ई-टिकट भी बरामद हुए।
इनकी कीमत 17,108 रुपये थी। इसके अलावा मौके से एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, एक मोबाइल को भी टीम ने जब्त किया। पूछताछ में अभियुक्त न ग्राहकों से प्राप्त ऑर्डर को फर्जी सॉफ्टवयर डेल्टा का इस्तेमाल करके भी टिकट बनाए जाने की बात को स्वीकार किया है। आरपीएफ व सीआईबी वाराणसी की टीम द्वारा की गई कार्रवाई से फर्जी सॉफ्टवेयर के माध्यम से ई-टिकट बनाने वालों में हड़कंप मच गया है।