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आजमगढ़-मऊ में बाढ़ का खतरा: नेपाल-उत्तराखंड से छोड़ा गया पानी, तटवर्ती इलाकों के लोगों में हलचल

Fri, 22 Oct 2021 01:12 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़/मऊ

सार

सरयू नदी के सामान्य हो जाने के बाद तटवर्ती इलाकों के लोग अभी राहत की सांस ले ही रहे थे। लेकिन गुरुवार को एक बार फिर उफान आने से तटवर्ती इलाकों के लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखने लगीं।
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सगड़ी तहसील के गांगेपुर में कटान जारी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड और नेपाल से पानी छोड़े जाने पर पूर्वांचल के आजमगढ़ और मऊ जिले में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। तटीय इलाकों में पानी घुसने लगा है और फसलें भी जलमग्न हो रही हैं। नेपाल से छह लाख 93 हजार 80 क्यूसेक पानी सरयू नदी में दो चरणों में छोड़ा गया है। इससे गुरुवार को मऊ जिले के दोहरीघाट में नदी फिर से उफान पर है। इस कारण कस्बा सहित तटवर्ती इलाकों के लोगो में हड़कंप मच गया है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 1.30 मीटर में वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, आजमगढ़ जिले में उत्तराखंड और नेपाल से पानी छोड़े जाने की वजह से घाघरा नदी भी उफान पर है।

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जलस्तर पर नजर डाली जाए तो मऊ जिले के गौरीशंकर घाट पर घाघरा का जलस्तर गुरुवार को 69.40 मीटर रहा। बुधवार को 68.10 मीटर था। 24 घंटे में 1.30 मीटर की वृद्धि दर्ज की गईं। नदी का खतरा बिंदु 69.90 मीटर है। नदी के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि से कस्बे के मुक्तिधाम, भारतमाता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, दुर्गा मंदिर, हनुमान मंदिर, लोकनिर्माण विभाग का डाक बंगला, शाही मस्जिद, डीह बाबा का मंदिर सहित ऐतिहासिक धरोहरों पर खतरा मंडराने लगा है।

तटवर्ती इलाके के लोगों की मानें तो नदी के जलस्तर में वृद्धि का क्रम बरकरार रहा तो जलस्तर खतरा बिंदु पार होते ही नगर सहित तटवर्ती इलाकों में खलबली मचना तय है। तटवर्ती इलाकों में बची हुई फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी। जलस्तर बढ़ने से धनौली रामपुर, नई बाजार, नवली, बहादुरपुर, पतनई, बीबीपुर ठाकुरगाव, सरया गोधनी, सरासो, गौरीडीह, जमीरा चौराडीह, कोरौली, बेलौली, पाऊस, ठिकरहिया, महुआबारी, रसूलपुर, सूरजपुर सहित तटवर्ती इलाकों में पानी घुसने की आशंका से किसान परेशान है।

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रानी की सराय क्षेत्र के खेतों में जलभराव। - फोटो : अमर उजाला
इस बाबत पर सिचाई विभाग के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र पासवान ने बताया कि नेपाल द्वारा पानी छोड़े जाने से बाढ़ आने की आशंका से विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है। बाढ़ खंड आजमगढ़  के अधिशासी अभियंता दिलीप कुमार ने बताया कि पानी के दबाव को देखते हुए बाढ़ चौकियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

24 घंटे में 92 सेमी बढ़ा घाघरा का जलस्तर
आजमगढ़ जिले की सगड़ी तहसील के उत्तरी सीमा से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में विगत 24 घंटे में 92 सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। नदी का जलस्तर बढ़ते ही देवारा खास राजा, गांगेपुर और परसिया में कटान तेज हो गई है।
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सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तर घाघरा नदी का जलस्तर 24 घंटे में बदरहुआ नाले पर 92 सेंटीमीटर बढ़ा। रविवार को बदरहुंआ नाले पर जलस्तर 70 .03 मीटर दर्ज किया गया जो 92 सेमी बढ़कर सोमवार को  70.95 मीटर हो गया । डिघिया नाले पर रविवार को गेज शून्य था। सोमवार को बढ़कर 70.34 सेमी पर बह रहा है। घाघरा नदी का जलस्तर पानी छोड़े जाने के बाद से लगातार बढ़ रहा है।

वहीं परसिया गागेपुर में कटान तेज हो गया है। 227000 क्यूसेक पानी वर्तमान में डिस्चार्ज हो रहा है। ऊपर पानी घटने से किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है पानी कम डिस्चार्ज होने से खतरा टल गया है। उपजिलाधिकारी सगड़ी गौरव कुमार ने बाढ़ से निबटने के लिए पूरी तैयारी कर ली थी और लोगों को सचेत कर दिया था। घाघरा नदी के बढ़ाव से देवारा खास राजा, गांगेपुर और परसिया में कटान तेज हो गई है। जिसके कारण तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों की धड़कन तेज हो गई है।  
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