आनन-फानन में परिवार के लोग वाराणसी के लिए रवाना हो गए तो वहीं गांव में घटना को लेकर दिन भर चर्चा आम होती रही। खास तौर से लोग मौके पर मिले सुसाइड नोट के आधार पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। परिजनों के अनुसार यशवंत पांडेयपुर में मकान बना कर परिवार के साथ रहते हैं। गांव पर उनके मंझले और छोटे भाई अपने-अपने परिवार के साथ रहते हैं।
बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे पुलिस आयुक्त
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घटना को लेकर गांव के लोगों में आक्रोश व्याप्त है। लोग यशंवत के जल्द स्वस्थ्य होने की कामना करने के साथ ही आरोपियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती सिपाही की हालत गंभीर है। ट्रॉमा सेंटर पहुंचे पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश को सिपाही की पत्नी नंदा देवी ने बताया कि लालपुर-पांडेयपुर थाना प्रभारी निरीक्षक द्वारा यशवंत को प्रताड़ित किया जाता है।
छोटे बेटे की तबीयत खराब चल रही है, इसलिए वह पिछले दिनों छुट्टी पर घर आए थे और आगे भी आने के लिए प्रयासरत थे लेकिन छुट्टी नहीं दी गई। बड़े बेटे पीयूष ने बताया कि पिता ने सुबह ही व्हाट्सएप पर सुसाइड नोट भेजा। इसके बाद ही उनके इस कदम के बारे में सूचना मिली। परिजनों ने आरोप लगाया कि थाने से हमेशा वो प्रताड़ित किए जाते थे। पुलिस आयुक्त ने इस प्रकरण पर जांच बैठा दी है।