फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी एमएलसी चुनाव: समाजवादी पार्टी के गढ़ में सपा प्रत्याशी की जमानत जब्त, भाजपा के सपनों पर भी फिरा पानी

Wed, 13 Apr 2022 05:32 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़

सार

एमएलसी चुनाव में आजमगढ़ में एक निर्दलीय प्रत्याशी ने सपा और भाजपा के अरमानों पर पानी फेर दिया। सपा प्रत्याशी की तो जमानत तक नहीं बच सकी। 
विज्ञापन
निर्दलीय उम्मीदवार विक्रांत सिंह (बीच में) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूपी के आजमगढ़ जिले को समाजवादी पार्टी का गढ़ कहा जाता है। कई बार से एमएलसी चुनाव में समाजवादी पार्टी प्रत्याशी को ही जीत मिलती रही है। सत्ता में होने के कारण इस बार भाजपा भी इस सीट पर जीत हासिल करने की फिराक में जुटी थी। लेकिन एक निर्दलीय प्रत्याशी ने सपा और भाजपा के अरमानों पर पानी फेर दिया।

विज्ञापन


यहां तक की सपा के गढ़ में सपा प्रत्याशी राकेश यादव अपनी जमानत भी नहीं बचा सके। मंगलवार को मतगणना शुरू होते ही निर्दलीय उम्मीदवार विक्रांत सिंह रिशू ने सपा और भाजपा के प्रत्याशियों पर बढ़त बनानी शुरू कर दी। जिसका परिणाम रहा कि कुछ घंटे बाद ही भाजपा प्रत्याशी अरुणकांत यादव मतगणना स्थल से चल दिए।

भाजपा नेताओं ने स्थानीय नेताओं के विरोध को किया उजागर

इस दौरान मीडिया से उन्होंने अपना दर्द बयां किया। जिसमें उन्होंने शीर्ष नेतृत्व की तारीफ की लेकिन स्थानीय नेताओं के विरोध को भी उजागर किया। लगभग साढ़े तीन घंटे में ही मतगणना का कार्य पूरा कर लिया गया। जिसमें निर्दलीय उम्मीदवार विक्रांत सिंह रिशू को 4077 मत मिले। जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के अरूणकांत यादव को 1262 मतों से संतोष करना पड़ा।

विज्ञापन

तीसरे स्थान पर सपा के राकेश यादव गुड्डू को 356 मत प्राप्त हुए। इसके अलावा अन्य प्रत्याशियों में अंबरीश कुमार विजयता को 16 और सिकंदर प्रसाद कुशवाहा को तीन मत प्राप्त हुए। अरुणकांत यादव की जमानत तो बच गई लेकिन शेष तीन प्रत्याशियों की जमानत भी नहीं बची। 

हर टेबल पर विक्रांत को मिल सबसे अधिक वोट
मतगणना के लिए एफसीआई गोदाम में कुल 14 टेबल लगाई गई थी। जब परिणामों की घोषणा हुई तो उसमें पाया गया कि हर टेबल पर विक्रांत सिंह रिशू को हर प्रत्याशी से अधिक मत प्राप्त हुए थे। एमएलसी चुनाव के लिए आजमगढ़ मऊ के 34 बूथों पर कुल 5854 मतदाताओं ने मतदान में हिस्सा लिया था।

दो दिग्गज नेताओं ने अपने-अपने पुत्रों को उतारा था

आजमगढ़ में दो दिग्गज नेताओं ने अपने-अपने पुत्रों को एमएलसी चुनाव में उतारा था। दोनों नेताओं ने पार्टी की धारा विपरीत जाकर अपने पुत्रों को जीत दिलाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी थी। भाजपा ने जहां सपा के बाहुबली विधायक रमाकांत यादव के पुत्र अरुणकांत यादव को मैदान में उतारा था तो भाजपा के दिग्गज एमएलसी यशवंत सिंह ने निर्दल प्रत्याशी के रूप में अपने पुत्र विक्रांत सिंह रिशू को उम्मीदवार बनाया था। वहीं सपा ने अपने पूर्व एमएलसी राकेश यादव पर भरोसा जताते हुए प्रत्याशी बनाया था।




भाजपा प्रत्याशी के विरोध में प्रत्याशी उतारने के कारण भाजपा एमएलसी को पार्टी ने छह साल के लिए निष्कासित भी कर दिया। लेकिन वह इसकी परवाह किए बगैर अपने पुत्र को जीत दिलाने में सफल रहे। मंगलवार को हुई मतगणना में उनके पुत्र ने जीत हासिल की। चुनाव में हार मिलने के बाद भाजपा प्रत्याशी अरूणकांत यादव ने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में कोई कमी नहीं है। लेकिन जो भी कमी रही वह जिले स्तर पर रही। इस चुनाव में मैंने देखा कि जन प्रतिनिधि तक बिक गए।
विज्ञापन

मैंने यह चुनाव अकेले लड़ा है। चाहे हमारी पार्टी के नेता हों या दूसरी पार्टी के नेता हों सभी ने हमारा विरोध किया। वहीं जीत हासिल करने के बाद विक्रांत सिंह रिशू ने कहा कि हम जनता का आभार व्यक्त करते हैं। पूर्व मंत्री व एमएलसी यशवंत सिंह ने कहा कि मुझे पार्टी से निष्कासित करने की कोई सूचना नहीं है। सिर्फ मीडिया में ही यह बात आ रही है कि मुझे पार्टी से निष्कासित किया है। लेकिन मेरे पास ऐसी कोई सूचना नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें