शिवपाल यादव ने कहा कि देश के मजदूर, मजलूम, बेरोजगार नौजवान एवं किसान संकट से गुजर रहे हैं। भाजपा सरकार उद्योगपतियों को लाभ पहुंचा रही है और जाति-धर्म के नाम पर फूट डालकर राजनीति कर रही है। सरकार ने बस नाम बदलने का काम किया है। यही हाल रहा तो जनता सरकार को खुद बदल देगी।
प्रसपा प्रमुख ने गठबंधन के सवाल पर कहा कि अखिलेश यादव से बात हुई है। यदि अपनों को सम्मान मिला तो सपा में पार्टी का विलय कर विधानसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ लड़ेंगे और जीत हासिल कर बहुमत की सरकार भी बनाएंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि विलय तभी होगा, जब उनकी शर्तों को स्वीकार किया जाएगा।
आरोप लगाया कि जनता का शोषण हो रहा है। किसानों की जमीन उद्योगपतियों को सौंपी जा रही है। किसानों के साथ अन्याय हो रहा है। जनता सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है और महंगाई से लोगों का जीवन संकट में पड़ गया है। भाजपा के शासन में पेट्रोल, डीजल, सरसों के तेल के दाम लोगों की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं।
पुरानी पेंशन बहाली के लिए संघर्षरत संगठन अटेवा का एक प्रतिनिधि मंडल रविवार को जिला मुख्यालय पहुंचे प्रसपा राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव से मिला, इस दौरान उन्हें मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। प्रसपा प्रमुख को सौंपे गए ज्ञापन में जिला सहसंयोजक व ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष सीपी यादव ने बताया कि एक अप्रैल 2004 के बाद नियुक्त शिक्षकों कर्मचारियों की पुरानी पेंशन व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।
इसके लिए पूरे देश का शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी वर्ग संघर्ष कर रहा है और आंदोलित है। प्रसपा को पत्रक देकर विस चुनाव में जारी होने वाले घोषणा पत्र में पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे को शामिल करने तथा अपने पार्टी के मंचों तथा मीडिया के प्लेटफार्म से पुरानी पेंशन बहाली की बात रखने की मांग की गई है। जिसको शामिल करने का प्रसपा अध्यक्ष ने आश्वासन दिया है।