माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश (यूपी बोर्ड) की वर्ष 2022 की परीक्षा को नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए ठोस कदम उठाया गया है। केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में दागी छवि वाले शिक्षकों व कर्मचारियों को कक्ष निरीक्षक की जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। इसके लिए हर विद्यालय से ऐसे शिक्षकों व कर्मचारियों की सूची मांगी गई है। ताकि उन्हें कक्ष निरीक्षकों की जिम्मेदारी न दी जाए।
पूर्व की परीक्षाओं में कई केंद्रों पर ऑनलाइन नजर रखते हुए कक्ष निरीक्षकों को शुचितापूर्ण ढंग से परीक्षा कराने के निर्देश कंट्रोल रूम से दिए गए थे। ज्यादा ढिलाई बरतने व नकल गतिविधियों में संलिप्त होने की आशंका वाले शिक्षक-कर्मचारियों को हटाया भी गया था। अब सभी विद्यालयों से ऐसे शिक्षक-कर्मचारियों की सूची मांगी गई है, जो पूर्व की परीक्षाओं में तटस्थ रूप से कक्ष निरीक्षक की भूमिका निभाने में असफल रहे हैं। उनको इस बार परीक्षा में कक्ष निरीक्षक का दायित्व नहीं सौंपा जाएगा। डीआईओएस डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि बोर्ड के निर्देश हैं कि ऐसे शिक्षक-कर्मचारी जो परीक्षा की शुचिता बरकरार रखने की कसौटी पर खरे नहीं उतरे हैं, उनको कक्ष निरीक्षक का दायित्व न सौंपा जाए। इसके लिए सभी विद्यालयों से ऐसे शिक्षक-कर्मचारियों की सूची मांगी जा रही है। बोर्ड का जैसा निर्देश होगा उसी हिसाब से कार्य किया जाएगा।