दि किसान सहकारी चीनी मिल आजमगढ़ के सठियांव में मंगलवार को गन्ना तौल के दौरान दो किसानों में भिड़ंत हो गई। दोनों में जमकर मारपीट हुई। जिसमें बीच बचाव करने गए दो पीआरडी जवानों के अलावा एक किसान घायल हो गया। जिसे अस्पताल भेज कर भर्ती कराया गया है। वहीं घटना के दौरान हवाई फायरिंग किए जाने की भी चर्चा है, जिससे पुलिस इंकार कर रही है।
चीनी मिल सठियांव स्थित गन्ना तौल केंद्र पर मंगलवार की रात तौल चल रही थे। मित्तूपुर निवासी किसान मुक्तिनाथ (कोड संख्या 1994/56) और फूलचंद कोड संख्या (1994/17) अपना गन्ना ट्राली से लेकर पहुंचे। सुरक्षाकर्मियों के अनुसार मुक्तिनाथ का गन्ना ओवरवेट था। उसे गन्ना उतारने के लिए कहा गया। वो ट्राली आगे ले जाकर गन्ना कम कर था।
इस बीच, फूलचंद के पुत्र अरुण कुमार टोकन लेने के बाद सबका नंबर काटते हुए सीधे तौल केंद्र पर पहुंच गए। अरुण कुमार ने अपनी ट्राली तौल कांटे पर चढ़ा दी। ओवर वेट होने से उसे भी गन्ना कम करने को कहा गया। आरोप है कि वह गाड़ी आगे न ले जाकर कांटे पर से ही गन्ना कम करने लगा। इसको लेकर मुक्तिनाथ ने आपत्ति की। इसी पर दोनों किसान आपस में भिड़ गए। दोनों में मारपीट होने लगी।
इस बीच, मिल पर तैनात दो पीआरडी के जवान आनंद और रणधीर बीच बचाव के लिए पहुंच गए। उन्हें भी चोट आई। उन्होंने कमांडेट को जानकारी दी। इसके बाद पहुंचे जवानों ने किसानों को हटाया। मुख्य गन्ना अधिकारी डॉ. विनय प्रताप सिंह को सूचना दी गई। वहीं सठियांव पुलिस को भी बुला लिया गया।
घायल अरुण कुमार राय को तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा। चर्चा इस बात की भी रही कि मारपीट की घटना के दौरान असलहे से फायरिंग भी की गई, लेकिन पुलिस फायरिंग से इंकार कर रही है। वहीं मुख्य गन्ना अधिकारी डॉ. विनय प्रताप सिंह की तहरीर पर आठ के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। वहीं गन्ना अधिकारी ने दोनों किसानों का सट्टा भी रद्द कर दिया है।