लखनऊ से गाजीपुर हैदरिया तक जाने वाले 341 किमी लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण 16 नवंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुल्तानपुर में करेंगे। इसकी तैयारियां जोरों पर हैं। एक्सप्रेस-वे पर गति सीमा 100 किलोमीटर रखी जाएगी। ऐसे में छुट्टा पशु हादसे का सबब बन सकते हैं। पशुओं को रोकने के लिए दोनों तरफ फेंसिंग कराई जा रही है। पुलिस चौकी और थानों की स्थापना की जाएगी।
जनपद में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का 84 किमी भाग आता है, जो सदर, सगड़ी, निजामाबाद और फूलपुर से होकर गुजर रहा है। इस मार्ग से लखनऊ, सुल्तानपुर, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, बाराबंकी, अमेठी, मऊ और गाजीपुर आदि नौ जिले जुड़े हुए हैं। जनपद से लखनऊ पहुंचने में जहां लोगों पांच से छह घंटे का समय लगता है लेकिन एक्सप्रेस-वे से सफर ढाई से तीन घंटे में पूरा हो जाएगा। वहां से आगरा एक्सप्रेस-वे के जरिए दिल्ली जाना आसान हो जाएगा। एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की रफ्तार अधिक होगी। इसको देखते हुए सुरक्षा के भी पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। जनपद में दो स्थानों पर पुलिस चौकी की स्थापना और सेहदा में थाने की स्थापना की जाएगी। शासन के निर्देश पर पुलिस विभाग द्वारा जगह को चिन्हित कर लिया गया है। इसके साथ ही एक्सप्रेस वे पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है। हादसे का सबब बनने वाले पशुओं को रोकने के लिए दोनों तरह फेंसिंग की गई है। साथ ही अगर कोई आवारा पशु किसी तरह से इस पर आ गया तो उसे पकड़ने के लिए कई टीमें एक्सप्रेस पर तैनात की गई हैं। दुर्घटना की स्थिति में हर पैकेज में लाइफ सपोर्ट सिस्टम युक्त दो-दो एंबुलेंस तैनात की गई हैं।
एक्सप्रेस वे पर आवागमन को देेखते हुए दोनों मार्गों के बीच में विद्युत पोल लगाए गए हैं। इन खंभों पर दोनों तरफ लाइटें लगाई गई हैं। ताकि रात के समय आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना यात्रियों को न करना पड़े।
जनपद में सिर्फ दो जगहों पर एक्सप्रेस वे पर चढ़ने की व्यवस्था की जा रही है। वहीं इसके बनने के बाद कई गांवों के मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। जिसे देखते हुए एक्सप्रेस वे के बगल में सर्विस लेन का निर्माण किया जा रहा है। ताकि ग्रामीणों को मुख्य मार्ग तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।