स्टेशन आजमगढ़ के टिकट काउंटर राडवंज पर बिना मॉस्क और सोशल डिस्टेंसिंग के खड़े लोग।
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आजमगढ़। महाराष्ट्र और पंजाब में कोरोना के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। इन दोनों राज्यों से आजमगढ़ के रास्ते ट्रेनों का संचालन होता है। बड़ी संख्या में यात्री आते-जाते हैं। ऐसे में लोग सचेत होने की बजाय लापरवाही बरत रहे हैं। सभी यात्री मास्क नहीं लगा रहे हैं तो रेलवे स्टेशन पर अब थर्मल स्क्रीनिंग भी बंद है। यह लापरवाही नुकसानदेह साबित हो सकती है। यही हाल रोडवेज विभाग की बसों में भी है। आजमगढ़ रेलवे स्टेशन व रोडवेज पर बुधवार को दस में से सात लोग बगैर मास्क दिखे।
रेलवे विभाग भी बना गैर जिम्मेदारअन्य राज्यों में कोरोना का संक्रमण बहुत तेजी से बढ़ रहा है। इसे लेकर केंद्र व प्रदेश की सरकार भी अलर्ट मूड में है। अन्य प्रदेशों से ट्रेन के माध्यम से आने वालों की थर्मल स्क्रीनिंग करने के साथ ही उन्हें घर पर आइसोलेट कराए जाने के निर्देश जारी किए हैं लेकिन उक्त गाइडलाइन का तनिक भी पालन आजमगढ़ आदर्श रेलवे स्टेशन पर नहीं हो पा रहा है। यात्री तो यात्री रेलवे विभाग के अधिकारी भी गैर जिम्मेदार बने हुए हैं। ट्रेन से सफर कर आने वालों की कोई जांच नहीं हो रही है। कोई भी प्लेटफार्म पर आ रहा और जा रहा है। इसे रोकने के लिए कोई भी नहीं है। जबकि स्टेशन अधीक्षक डीबी सिंह ने बताया कि यहां कोविड-19 का हेल्प डेक्स बनाया गया है। जिला प्रशासन की ओर से यहां चिकित्सकों की टीम लगाई जाती है। इस समय कहां हैं इसकी जानकारी नहीं है।
सरकारी बसों में कोविड-19 के नियम ताक पर
जिले में कोरोना संक्रमण का ग्राफ न बढ़े इसके लिए जिला प्रशासन ने निर्देश जारी कर बाहर से आने वालों की जांच कराने और उन्हें घर पर आइसोलेट होने के निर्देश जारी किए हैं। बावजूद इस निर्देशों का कोई पालन परिवहन विभाग द्वारा रोडवेज की बसों पर नहीं किया जा रहा है। यहां न लोगों को मास्क की फिक्र है और न ही सामाजिक दूरी का ख्याल। यात्रियों की स्क्रीनिंग भी नहीं की जा रही है। खुद चालक और परिचालक मास्क नहीं लगा रहे हैं। ऐसे में यात्री भी लापरवाही में शामिल हो रहे। उन्हें अपनी सुरक्षा का कोई ख्याल नहीं है। रोडवेज पर की गई व्यवस्थाएं बस कोरम पूरा करने के लिए हैं। रोडवेज पर जांच के लिए एक डेस्क बनाया गया है। जहां कोई जांच भी नहीं करा रहा और न ही संबंधित जिम्मेदार जांच कर रहे है।
कोविड-19 के नियमों का पालन करने ओर कराने के लिए कर्मचारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही समय-समय पर इसकी जांच भी की जाती है। वहीं यात्रियों को जागरूक करने के लिए पीएएस के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है।
ललित कुमार श्रीवास्तव, एआरएम।