आजमगढ़। शनिवार से शारदीय नवरात्र का आगाज हो रहा है। नवरात्र की खरीदारी को लेकर जहां शुक्रवार को पूरा चौक क्षेत्र जाम की समस्या से जूझता रहा। वहीं मंदिरों की साफ सफाई कर मां के दर्शन की सारी तैयारियों मंदिर के व्यवस्थापकों द्वारा पूरी कर ली गई हैं। सरकार की गाइडलाइन के अनुसार लोगों को मां के दर्शन करने होंगे।
शनिवार से शुरू हो रहे नवरात्र के लिए देवी मंदिरों की साफ सफाई और रंग रोगन का कार्य पूरा कर लिया गया है। मंदिरों के व्यवस्थापकों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए गोले बनाए गए हैं। मंदिरों को बिजली की रंग बिरंगी झालरों से सजाया गया है। निजामाबाद प्रतिनिधि के अुनसार जिला मुख्यालय से 12 किमी दूर निजामाबाद तहसील के भैरोपुर कला ग्राम सभा में मां शीतला का दरबार आस्था का एक बड़ा केंद्र है। देवी दरबार पूर्ण रूप से रंगाई पुताई कर झालर मोतियों से सजाया जा चुका है। नगर पंचायत और ग्राम सभा की तरफ से साफ सफाई कीं समुचित व्यवस्था की गई है। जगह-जगह नारियल चुनरी की दुकानें भी सजाई जा चुकी हैं। रानी की सराय प्रतिनिधि के अनुसार शारदी नवरात्र के प्रथम दिन देवी प्रतिमाओं की स्थापना के लिए कस्बे के कारखानों से मूर्तियां सुबह से जाने लगी। इस दौरान माता के जयकारे से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा। शासन की ओर से मूर्ति की स्थापना की छूट मिलने के बाद ग्रामीण इलाकों के प्रतिमाओं को नवरात्र के प्रथम दिन ही स्थापना करने के लिए कस्बे बने रहे मूर्तियों के कारखानों से गंतब्य को ट्रैक्टर ट्रालियों से जाने लगी।
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आसमान छूने लगे फलों के दाम
आजमगढ़। शारदीय नवरात्रि के शुरु होते ही फलों के मूल्यों में तेजी आ गई है। 10 दिन पहले जो सेव सबसे निम्न क्वालिटी का 25 रुपया किग्रा बिक रहा था वह आज 50 रुपया किग्रा हो गया है। अच्छे किस्म के सेव एक सौ रुपये से ऊपर ही बिक रहे है। वहीं केला 25 रुपये दर्जन से बढ़कर 50 रुपया दर्जन बिक रहा है।
फल आज 10 दिन पहले
सेव 100 रुपया 80 रुपया
सेव 120 रुपया 100 रुपया
सेव 50 रुपया 25 रुपया
केला 50 रुपया दर्जन 25 रुपया दर्जन
मोसंमी 70 रुपया 60 रुपया
अनार 100 रुपया 80 रुपया
बाजारों में खरीदारी को उमड़ी भीड़ में
आजमगढ़ । नवरात्र में घरों मेें कलश की स्थापना कर पूरे नौ दिन तक पाठ होता है। व्रत के साथ ही पूजन में प्रयुक्त होने वाले सामानों की खरीद के लिए नगर के मुख्य चौक क्षेत्र में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिसके कारण मुख्य चौक क्षेत्र में जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। वहीं शुक्रवार को ही घरों की साफ-सफाई पूरी कर ली। जिस जगह पर कलश की स्थापना की जानी है उस जगह को आकर्षक ढ़ंग से सजाया गया है।
मंदिर परिसर में गोले बनाए गए हैं बैरिकेडिंग भी की गई है। जिसमें एक तरफ से श्रद्घालु जाएंगे दूसरी तरफ से आएंगे। श्रद्घालु जो प्रसाद चढ़ाने के लिए लाएंगे उसमें हम सिर्फ माता के चरणों में पड़े एक फूल को डाल देंगे। किसी को भी एक जगह पर खड़े होने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
शरद तिवारी, व्यवस्थापक, दक्षिण मुखी देवी मंदिर।
मंदिर के पास गोले बनाए गए हैं। सब लोग बाहर से ही माता का दर्शन करेंगे। अनावश्यक भीड़ न लगाएंगे। बारी-बारी से माता के दर्शन करेंगे। बिना मास्क लगाएं किसी को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
जगदीश प्रसाद चतुर्वेदी, पुजारी, पुरानी कोतवाली दुर्गा मंदिर।