आजमगढ़ जिले के दीदारगंज थाना क्षेत्र के सुरहन गांव में युवती की बेरहमी से हत्या की घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। दो युवक युवती के गर्दन पर चाकू से ताबड़तोड़ वार करते रहे और वह चीखती रही। वह हमलावरों से जिंदगी की भीख मांगती रही लेकिन उन्हें युवती पर दया नहीं आई। उधर, 100 मीटर की दूरी से दौड़ती हुई आ रही दिव्यांग मां की आंखों के सामने बेटी ने तड़प-तड़पकर जान दे दी।
यह हुई थी घटना
दीदारगंज थाना क्षेत्र के सुरहन गांव निवासी आशा राजभर और उसके पति जयतुन राजभर दोनों दिव्यांग हैं। जयतुन राजभर की छह पुत्रियां हैं। वह अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए पटियाला में रहकर मजदूरी करते हैं। वहीं आशा गांव के ही एक व्यक्ति का खेत बटाई पर लेकर खेती करती है। दिव्यांग आशा अपनी 21 साल की बेटी शबनम के साथ गेहूं की सिंचाई करने खेत में गई थी। शबनम खेत से घर जाने के लिए निकली। करीब 100 मीटर की दूरी पर पहुंची तभी उसके चींखने की आवाज आई।
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