धनतेरस के दिन तहसील क्षेत्र में दो दुकानदारों से हजारों का सामान लेकर ठग फरार हुए थे, दुकानदारों को ठगने वाले ने खुद को एसडीएम सदर बताकर खरीदारी की, इस दौरान दुकानदारों को फर्जी चेक दिया था। पीड़ित दुकानदार की शिकायत पर पुलिस मामले की रिपोर्ट दर्ज कर फर्जीवाड़ा में शामिल फर्जी एसडीएम की स्कार्पियों को तो बरामद की, लेकिन अब तक फर्जी एसडीएम साहब और उनके साथी पुलिस की पकड़ से दूर है। वहीं पीड़ित व्यवसायी थाने का चक्कर लगा रहे है।
बीते दो नवंबर को धनतेरस पर्व था, इसी दिन काले रंग की स्कार्पियों सवार तीन व्यक्ति जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के पकवाइनार बाजार पहुंचे, इस दौरान सराफा और बर्तन कारोबारी संतोष वर्मा की दुकान पर पहुंचे। एक व्यक्ति ने दुकानस्वामी को अपना परिचय एसडीएम सदर के रुप में दिया, इसके बाद उसने करीब 15500 रुपये कीमत के बर्तन लिए और दुकानदार को एसबीआई अंबेडकरनगर शाखा का चेक थामा दिया। इसी दिन यही लोग जीयनपुर कस्बा स्थित मिठाई कारोबारी श्यामराज की दुकान पर पहुंचे और 14 हजार की मिठाई ली। यहां भी उसने अपना परिचय एसडीएम सदर बताया। मिठाई गाड़ी में रखवाने के बाद 14 हजार का एसबीआई अंबेडकर नगर का चेक काट कर दुकानदार को दे दिया। दोनों दुकानदार जब चेक भजाने के लिए बैंक पर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि दोनों ही चेेक फर्जी है। इस पर दोनों व्यापारियों ने जीयनपुर कोतवाली में तहरीर दिया। घटना को एक पखवारा बीत चुका है, इसके बाद भी जीयनपुर कोतवाली पुलिस फर्जी एसडीएम सदर और उसके साथी को नहीं पकड़ सकी है। जबकि फर्जीवाड़े में प्रयोग किए जाने वाली स्कार्पियों को पुलिस ने बरामद कर लिया। इस बाबत पूछे जाने पर कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार यादव ने बताया कि फर्जी एसडीएम सदर व उसके साथियों की तलाश में पुलिस टीम लगी है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।