आजमगढ़। बिलरियागंज के बिंदवल स्थित एक स्कूल में वर्षों से कार्यरत शिक्षिका को विद्यालय प्रबंधक ने डेढ़ साल से वेतन नहीं दिया है। शिक्षिका ने जब इसकी शिकायत श्रम विभाग में कर दिया तो उसे नौकरी से निकालने की धमकी दी गई। वर्तमान में शिक्षिका स्कूल पर पढ़ाने भी नहीं जा रही है।
बिलरियागंज कस्बा के अयूबनगर निवासिनी उज्मा शोएब ने मुख्य सचिव उप्र शासन व श्रम विभाग को भेजे अपने शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि वह बिलरियागंज के बिंदवल स्थित एक स्कूल में बीते 11 वर्षों से शिक्षण कार्य करती हैं। कोरोना काल के दौरान का वेतन स्कूल प्रबंधक ने उन्हें ही नहीं कई शिक्षकों को नहीं दिया है। वेतन मांगने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है। शिक्षिका ने बताया कि स्कूल को आठवीं तक की मान्यता है और यहां 12वीं तक कक्षाएं संचालित की जाती हैं। इतना ही नहीं स्कूल द्वारा जो वाहन बच्चों व शिक्षकों को स्कूल ले जाने के लिए प्रयोग किया जाता है वह पूरी तरह से अनफिट हो चुका है। शिक्षकों व कर्मियों को नियमानुसार ईपीएफ आदि भी नहीं दिया जाता है। शिक्षिका की इस शिकायत को श्रम विभाग ने गंभीरता से लिया है और श्रम प्रवर्तन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने विद्यालय के मैनेजर व प्रधानाचार्य को नोटिस जारी कर 26 सितंबर को तलब किया है।