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तेजी से फैल रहा वायरल बुखार, अस्पतालों में उड़ी भीड़

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आजमगढ़। बरसात का मौसम चल रहा है। इस मौसम में वायरल रोगों का खतरा बढ़ जाता है। वर्तमान में सर्दी, खांसी, जुखाम व बुखार से बहुतायत में लोग पीड़ित है। घर-घर में वायरल बुखार के मरीज है। अस्पतालों में भी मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। वहीं कोरोना की तीसरी लहर की चर्चा भी जोरशोर से चल रही है।
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जिला अस्पताल ही नहीं प्राइवेट डॉक्टरों की क्लीनिकों पर भी मरीजों का इन दिनों जमावड़ा लगा हुआ है। मौसमी बीमारियों की चपेट में आए लोग इलाज के लिए डॉक्टरों के यहां उमड़े पड़े है। सर्वाधिक मरीज सर्दी, खांसी व वायरल बुखार से पीड़ित आ रहे है। जिला अस्पताल की बात की जाए तो यहां मरीजों की संख्या अचानक से बढ़ गई है। ओपीडी में डॉक्टरों को दिखाने के लिए मरीजों का रेला लगा दिख रहा है। खासतौर से फीजिशियन डॉक्टरों के यहां सर्वाधिक भीड़ देखने को मिल रही है। सामान्य दिनों में जिला अस्पताल की ओपीडी में सात से आठ सौ मरीज प्रतिदिन आते है लेकिन वर्तमान में यहां मरीजों की संख्या हजार को पार कर चुकी है। किसी दिन 11 तो किसी दिन 1200 सौ से अधिक मरीज ओपीडी में इलाज को पहुंच रहे है। मौसम में बदलाव के दिनों में सबसे अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है. इन दिनों में थोड़ी सी भी लापरवाही की वजह से परेशानी खड़ी हो सकती है।
दवा से पहले काढ़ा व भाप है लाभदायक
आजमगढ़। वर्तमान में बरसात का मौसम चल रहा है इसमें वायरल बीमारियां ज्यादा होती है। श्वास व दमा के रोगियों को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। इस मौसम में बचाव बहुत जरूरी होता है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि खांसी-जुखाम, बुखार जैसी समस्याएं आम होती है। इनसे बचने के लिए सबसे पहल तो ठंडे पानी का प्रयोग बंद कर देना चाहिए तो वहीं बासी भोजन का भी प्रयोग नहीं करना चाहिए। इसके अलावा बरसात के मौसम में मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ जाता है। जिससे बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें। वायरल फीवर में तत्काल दवा नहीं खानी चाहिए। काढ़ा, गुनगुना पानी, भांप आदि के लेकर पहले घरेलु उपचार करना चाहिए। समस्या बढ़ने पर ही डॉक्टर से संपर्क कर जरूरी दवाएं खानी चाहिए।
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