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आजमगढ़ में बारिश का कहर: शहरी क्षेत्र के सभी स्कूल पांच अक्तूबर तक बंद, कच्चा मकान गिरने से महिला की मौत

Mon, 04 Oct 2021 12:44 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़

सार

आजमगढ़ जिले में एक बार फिर से हुई आफत की बारिश ने जन-जीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। जिले में सितंबर के दूसरे हफ्ते की बारिश के बाद हुए जलभराव से जनता अभी उबर भी नहीं पाई कि शुक्रवार सुबह से जारी बारिश ने जनता को मुसीबत में डाल दिया। 

 
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कच्चा मकान गिरा, मलबे में दबकर महिला की मौत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी के आजमगढ़ जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। शहरी क्षेत्रों में चार और पांच अक्तूबर को सभी स्कूल बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया है। इधर, रानी की सराय थाना क्षेत्र के एक गांव में बीती रात कच्चा मकान गिरने से एक महिला की मौत हो गई। बीते तीन-चार दिन में मकान गिरने की कई घटनाएं सामने आईं हैं।

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लगातार हो रही बारिश से शहरी क्षेत्रों में जलभराव के साथ यहां रहने वाले लोगों को बिजली संकट का भी सामना करना पड़ रहा है।  सोमवार को डीएम राजेश कुमार ने प्राथमिक से लेकर इंटरमीडिएट तक के शहरी क्षेत्र के सभी विद्यालयों को चार और पांच अक्तूबर को बंद करने का आदेश दिया।  हालांकि यह आदेश काफी देर से जारी किया गया। जिस कारण बहुत से विद्यालय खुल गए थे और बच्चे स्कूल पहुंच गए थे।

जिला विद्यालय निरीक्षक डा. वीके शर्मा एवं बीएसए अतुल कुमार सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी ने वर्तमान में भीषण बारिश एवं जलजमाव को देखते हुए जिले में संचालित कक्षा एक इंटरमीडिएट तक परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालय, सीबीएसई एवं आइसीएसई बोर्ड और मान्यता प्राप्त विद्यालय को जनहित में चार और पांच अक्टूबर को बंद करने के निर्देश दिए हैं। बेसिक व माध्यमिक के सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश का कड़ाई से अनुपालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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कच्चा मकान गिरा, मलबे में दबकर महिला की मौत

रानी की सराय थाना क्षेत्र के सैदपुर में रविवार की रात कच्चा मकान गिर गया। इस दौरान परिवार के साथ खाना खा रही अधेड़ महिला की मलबे में दबकर मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

 रविवार रात आठ बजे के करीब फिरती देवी पत्नी स्व. नान्हू अपने पुत्र राजभवन, उसकी पत्नी आरती और तीन बच्चों के साथ कच्चे मकान में बैठकर भोजन कर रही थी। तभी कच्चा मकान धराशायी हो गया। मकान गिरने की आवाज सुन आस-पास के लोग वहां पहुंच गए। मलबे से परिवार के लोगों को बाहर निकाला। लेकिन तब तक फिरती देवी की मौत हो चुकी थी।

जबकि राजभवन को हल्की चोटें आई। वहीं उसकी पत्नी आरती और तीन छोटे-छोटे बच्चे बाल-बाल बच गए। इससे पूर्व फिरती देवी का एक मकान बारिश के चलते गिर गया था। वह बगल में ही स्थित अपने पुराने खपरैल के कच्चे मकान में रहती थी। जो रविवार रात गिर गया। मृतका के दो पुत्र हैं, एक बेटा राजेंद्र बाहर रहकर काम करता है। जबकि राजभवन घर पर रहता है। महिला की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
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राहत शिविरों में जाने की अपील कर रहा प्रशासन

आजमगढ़ शहर के निचले इलाके 20 दिनों से पानी में डूबे पड़े है। उसे निकालने के लिए जिला प्रशासन पूरी ताकत झोंका हुआ है। रविवार को एसडीएम सदर बागीश कुमार ने बताया कि जलनिकासी को लेकर प्रशासन गंभीर है।

जिसको लेकर सुरक्षा बांध पर बागेश्वर नगर के रेगुलेटर के पास दो 15 एचपी व एक 20 हार्स पावर का एक पम्प लगाया गया है वहीं चांदमारी पर 15 हार्स पावर के दो पम्प लगाए गए है साथ ही मड़या में 15 हार्स पावर एक पम्प् लगाया गया है। यहां पर अभी 25 हार्स पावर का पम्प और लगाया जाएगा। इसके साथ ही शहरवासियों को पानी से निजात दिलाने के लिए इलाहाबाद आदि शहरों से भी पम्प मंगवाए जा रहे है ताकि तेजी से पानी की निकासी कराए जाए। 
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