निजीकरण के विरोध में रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन करते रेलवे कर्मचारी।
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आजमगढ़। नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे मेंन के आह्वान पर पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के बैनर तले रेलवे कर्मचारियों ने शनिवार को विरोध-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार निजीकरण की व्यवस्था को समाप्त करके सरकारी संसाधनों से काम कराए। सरकार अपनी कार्यशैली में परिवर्तन लाए। अन्यथा की स्थिति में रेल कर्मी आंदोलन को बाध्य होंगे।
नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे मेंन के आह्वान पर रेलवे में संपत्ति के निजीकरण, निगमीकरण और मुद्रीकरण के केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में देशव्यापी ‘विरोध सप्ताह’ 13 सितंबर से 18 सितंबर तक विरोध-प्रदर्शन किया जा रहा है। रेल कर्मचारी अरुण यादव ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के विरोध में लिए निर्णयों को तुरंत वापस ले। यदि सरकार अपना रवैया नहीं बदलती है तो कर्मचारी संघर्ष जारी रखेेंगे। उन्होंने सरकार से मांग किया कि नई एनपीएस स्कीम बंद करके पुरानी पेंशन स्कीम बहाल की जाए। ड्यूटी पर उन्हें सुरक्षा मूलभूत सुविधाएं दी जाएं। इस मौके पर बृजेन्द्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, डीवी सिंह, संजय, धनंजय, फिरोज, रिंकू व शुभम पांडेय आदि लोग थे।