पिछड़े वर्ग के छात्रों को नीट में आरक्षण न दिए जाने के विरोध में सोमवार को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग ओबीसी मोर्चा ने रिक्शा स्टैंड पर धरना दिया। बाद में राष्ट्रपति को संबोधित चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन डीएम को सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष शैलेश कुमार यादव ने कहा कि तमिलनाडु सरकार ने नीट की समीक्षा के लिए नौ सदस्यीय कमेटी बनाई है। हम मांग करते है कि एससी, एसटी और ओबीसी के हक अधिकार के समर्थन में नीट को रद्द किया जाए, जब तक नीट लागू है तब तक नीट में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण केंद्र और राज्यों के मेडिकल कालेजों में दिया जाए। ओबीसी की जाति आधारित जनगणना कराकर संख्यानुपात में प्रतिनिधित्व के लिए आरक्षण लागू किया जाए। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर नीट की समीक्षा की जाए और समीक्षा समिति में बामसेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष को शामिल किया जाए। वक्ताओं ने कहा कि यह देशव्यापी आंदोलन तीन चरणों में किया जाएगा इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष राम विनय पटेल, प्रेम सागर पटेल, मनोज कुमार यादव, बहुजन मुक्ति पार्टी प्रभारी निजामाबाद रामनयन चौहान, भुवाल प्रजापति, शुभ नारायण, रामदवर, जय बहादुर मौर्य, विजय बहादुर यादव, राजेश कुमार यादव आदि उपस्थित रहे।