आरोप है कि इस दौरान महिलाओं ने विरोध किया तो उनके साथ छेड़खानी की। फिर बीडीसी को पकड़ कर थाने लाकर लॉकअप में बैठा दिया गया। एक दिन थाने पर बैठाए रखने के बाद बीडीसी श्रवण यादव को पुलिस ने छोड़ दिया। सोमवार को श्रवण परिजनों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचा और शिकायती पत्रक देकर न्याय की गुहार लगाई।
पीड़ित का कहना था कि पड़ोसी रंगदारी मांग रहे थे और वह नहीं दे रहा था, जिस पर सिपाही मनोज शर्मा की मदद से उसके घर में लूटपाट व महिलाओं संग छेड़खानी की गई। इतना ही नहीं इस घटना के पूर्व सिपाही मनोज शर्मा ने फोन कर फर्जी मुकदमें में फंसाने व घर गिराने की धमकी तक दे डाली। जिसका ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उसके पास मौजूद है।
निजामाबाद थाने के प्रभारी निरीक्षक शिवशंकर सिंह ने बताया कि 23 जुलाई को बीडीसी का पड़ोसी से विवाद हुआ था, शिकायत मिलने पर पुलिस मौके पर गई थी। जहां तक सिपाही के धमकाने का ऑडियो वायरल होने की बात है तो अगर शिकायत मिलेगी तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक से शिकायत होने की हमें जानकारी नहीं है। घटना वाले दिन ही थाने पर समझौता करा दिया गया था।