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दूसरे ने डाल दिया है आपका वोट तो भी कर सकेंगे मतदान

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मतदान के दिन अगर किसी अन्य व्यक्ति ने आपके नाम से वोट दे दिया है और आपका नाम मतदान सूची में है तो तो परेशान न होएं, बल्कि इसकी शिकायत कर आप टेंडर वोट दे सकते हैं। यदि आप बूथ पर मतदान करने जाएं और कोई आपकी पहचान पर सवाल उठा दे, लेकिन आप सही हैं, तो भी वोट कर सकते हैं।
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यदि आप सर्विस मतदाता हैं और बाहर तैनात हैं, तो परिवार के किसी सदस्य को वोट देने के लिए नामित कर सकते हैं। अक्सर देखा जाता है कि किसी मतदाता के नाम पर कोई और वोट कर देता है। ऐसे में संबंधित मतदाता मताधिकार से वंचित हो जाता है लेकिन नियमानुसार ऐसे लोग टैंडर वोट के तहत मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी अनिल कुमार मिश्र ने बताया कि कोई भी मतदाता टेंडर वोट व चैलेंज वोट के अधिकार का प्रयोग कर सकता है। प्रॉक्सी वोट का प्रयोग सेना और अर्द्धसैनिक बलों में तैनात लोग कर सकते हैं। इन्हें पोस्टल बैलेट का भी अधिकार होता है।
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क्या है टेंडर वोट
अगर किसी मतदाता के नाम पर दूसरे व्यक्ति ने मतदान कर दिया है तो और उसका नाम मतदाता सूची में है तो वह शिकायत कर सकता है। पीठासीन अधिकारी संबंधित मतदाता से एक प्रपत्र पर मतदान करवाते हैं। इसके बाद मतपत्र को लिफाफे में बंद कर दिया जाता है। मतगणना के समय कम वोट के अंतर से हार-जीत की स्थिति में ऐसे वोट की गणना की जाती है। इसे टेंडर वोट कहते हैं।
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क्या है प्रॉक्सी वोट
अगर आप सर्विस मतदाता (सेना और अर्द्धसैनिक बल में हैं) हैं और चुनाव क्षेत्र से बाहर हैं तो परिवार के किसी सदस्य को अपना वोट डालने के लिए लिखित में नामित कर सकते हैं। पीठासीन अधिकारी लिखित प्रारूप की जांच के बाद नामित व्यक्ति को वोट डालने देगा। ऐसे मतदाता की दो अंगुलियों में अमिट स्याही लगाई जाएगी। प्रॉक्सी वोट के लिए मध्य अंगुली में, जबकि उसके खुद के मत के प्रयोग के लिए तर्जनी अंगुली में अमिट स्याही लगाई जाती है। हालांकि सर्विस मतदाता को पोस्टल बैलेट का भी अधिकार होता है।
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क्या है चैलेंज वोट
यदि मतदान करने कोई व्यक्ति बूथ पर पहुंचता है और एजेंट या कोई व्यक्ति आपत्ति करता है कि संबंधित व्यक्ति गांव में नहीं रहता है, तो संबंधित मतदाता चैलेंज कर सकता है। खुद को सही साबित करने के लिए उसे पीठासीन अधिकारी से शिकायत करनी होगी। पीठासीन अधिकारी दो रुपये फीस जमा कराकर अपने स्तर से जांच करेंगे। यदि जांच में मामला सही पाया जाता है तो शिकायत करने वाला वोटर मतदान कर सकता है। यदि मामला झूठा मिला तो फर्जी मतदान करने के प्रयास के आरोप में संबंधित व्यक्ति को पुलिस को सौंपा जाएगा। ऐसे व्यक्ति पर केस दर्ज हो सकता है।
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