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पानी में घुसेंगे तभी पहुंच पाएंगे महापंडित के घर

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जहानागंज के चक्रपानपुर के पास कनैला गांव मे राहुल सांकृत्यायन जी का पैतृक आवास। - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। घुमक्कड़ प्रवृत्ति के जन्मदाता महापंडित राहुल सांकृत्यायन के गांव की गलियां अपने दुर्दशा की दास्तां खुद बयां कर रही हैैं। अगर महापंडित के पैतृक घर तक पहुंचना है तो कीचड़युक्त पानी से होकर ही जाना होगा। जिम्मेदार मौन साधे हैं और गांव के लोग मार्ग की बदहाली से परेशान हैं।
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जहानागंज विकास खंड के कनैला गांव में महापंडित राहुल सांकृत्यायन का पैतृक आवास है। इस आवास में आज उनके पौत्र विनोद पांडेय अकेले परिवार के साथ रहते हैं। आज भी गांव में उनका पैतृक आवास पुराने जमाने का जर्जर हाल में हैं। गांव में विकास की किरण छूकर भी नहीं गुजरी है। गांव में जाने वाले मुख्य मार्ग पर हमेशा पानी जमा रहता है। अगर गांव में किसी को जाना हो तो बिना कीचड़युक्त पानी के बीच से गुजरे महापंडित के घर तक नहीं पहुंच सकता है। गांव में नाली का निर्माण न होने से बरसात का पानी रास्ते पर ही जमा रहता है। जिसके बीच से लोगों को आवागमन करना पड़ता है। महापंडित के ऊपर रिसर्च और जानकारी हासिल करने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं लेकिन शासन और प्रशासन की ओर से उनके गांव में विकास के लिए कोई कार्य नहीं कराया गया है। गांव में उनके नाम पर एक लाइब्रेरी स्थापित है जिसमें उनके द्वारा लिखित पुस्तकें रखी गई हैं। लेकिन इस लाइब्रेरी की स्थापना उनके परिवार के लोगों ने ही कराई है।
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