आजमगढ़। खनन विभाग की ओर से सड़क के किनारे अड्डी बनाकर गिट्टी और बालू रखकर व्यापार करने वालों को लाइसेंस जारी करने का प्रावधान है। अभी तक विभाग की ओर से किसी को लाइसेंस जारी नहीं किया गया था।
विभाग की ओर से अब सभी को लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। लाइसेंस के साथ ही उनके भंडारण की सीमा का भी निर्धारण होगा।
अक्सर सड़कों किनारे गिट्टी, बालू गिराकर लोग अड्डी खोलकर बैठ जाते हैं। इनके द्वारा धड़ल्ले से बालू और गिट्टी की बिक्री की जा रही है। जिले में हजारों की संख्या में इस तरह से गिट्टी और बालू का कारोबार करने वाले लोग हैं।
लेकिन अब खनन विभाग ऐसे लोगों पर लगाम लगाने की तैयारी में हैं। वैसे तो इन लोगों को पहले से ही लाइसेंस लेकर अड्डी खोलने का नियम बना है लेकिन इन लोगों द्वारा नियमों की अनदेखी कर धड़ल्ले से इसका कारोबार किया जाता है।
इनके द्वारा ट्राली के आकार में कटौती कर लोगों को चूना लगाने का कार्य भी किया जाता है। 100 वर्ग फीट बालू का दाम तो यह लोगों से लेते हैं लेकिन मौके पर 60 वर्ग फीट बालू ही पहुंचता है। लेकिन अब इसका कारोबार करने वालों को बाकायदा खनन विभाग से लाइसेंस बनवाना होगा। बिना लाइसेंस के अगर कोई कारोबार करता पकड़ा गया तो उसके खिलाफ विभाग कार्रवाई करेगा।
अब अड्डी संचालक खनन विभाग में पांच हजार रुपये जमा कर लाइसेंस प्राप्त कर सकते है। इसके बाद ही वह अड्डी का संचालन कर सकेंगे। इसके साथ ही लाइसेंस में यह भी निर्धारित किया जाएगा की वह कितना बालू और गिट्टी का भंडारण कर सकता है इसका भी निर्धारण होगा। कोई भी अड्डी संचालक निर्धारित सीमा से अधिक गिट्टी और बालू का भंडारण नहीं कर सकता है।
इन लोगों द्वारा बिना लाइसेंस के अड्डी का संचालन कर राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। जबकि इसके लिए लाइसेंस लेकर अड्डी संचालित करने का नियम है। लेकिन अब जिले में इस तरह से कोई भी अड्डी का संचालन नहीं कर पाएगा। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -सुधांशु रंजन द्विवेदी, जिला खनन अधिकारी।