आजमगढ़। जनपद में धान खरीद के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जिला प्रशासन काफी गंभीर है। शनिवार की देर शाम जिलाधिकारी कार्यालय में धान खरीद की समीक्षा हुई। समीक्षा के दौरान लापरवाही मिलने पर जिलाधिकारी ने चार केंद्र प्रभारियों को हिरासत में भेज दिया।
बाद में अनुनय-विनय के बाद जिलाधिकारी ने सुधार की चेतावनी देकर सभी को छुड़वाया।
जिले में धान खरीद के लिए शासन की ओर से 98600 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य को हासिल करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
शनिवार को जिलाधिकारी ने एक हजार कुंतल से कम धान खरीद करने वाले क्रय केंद्र प्रभारियों की बैठक अपने आवास पर बुलाई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने धान खरीदने में लापरवाही बरतने वाले चार क्रय केंद्र प्रभारियों को हिरासत में लेने का निर्देश दिया।
जिसमें पीसीएफ के खजुरी अहरौला, रैसिंहपुर तहबरपुर, उचहुंआ तरवां और यूपी एग्रो की अंबारी स्थित रसूलपुर केंद्र के केंद्र प्रभारी शामिल थे। जिलाधिकारी की इस कार्रवाई से क्रय केंद्र प्रभारियों में हड़कंप मच गया।
सारे क्रय केंद्र प्रभारी जिलाधिकारी से अनुनय-विनय करने लगे। जिस पर जिलाधिकारी ने सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को धान खरीद में सुधार करने का निर्देश देते हुए हिरासत में लिए गए क्रय केंद्र प्रभारियों को छोड़ा।
साथ ही जिलाधिकारी ने जिला प्रबंधक पीसीएफ और एआर कोआपरेटिव को भी चेतावनी दी कि यदि उनके क्रय केंद्रों पर धान खरीद में सुधार नहीं हुआ तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वहीं डीप्टी आरएमओ राजू पटेल ने बताया कि जिले में अब तक 11978 टन धान की खरीद हो चुकी है। शनिवार को उन्होंने तरवां क्रय केंद्र का निरीक्षण किया जहां किसानों और क्रय केंद्र प्रभारी के बीच कुछ समस्या थी। जिसे हल कराया गया।