शव मिलने की जगह पर मौजूद पुलिस और लोग।
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फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के अंबारी बाजार स्थित जनता इंटर कालेज के सामने सड़क किनारे स्थित गड्ढे में बृहस्पतिवार को दो दिनों से अपहृत दंपती की लाश मिली थी। मृतक के भतीजे की तहरीर पर बुधवार को तीन के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें हत्या की धाराएं बढ़ा दी गईं हैं। पुलिस का कहना है कि घटना के पीछे भूमि विवाद हो सकता है।
अहरौला थाना क्षेत्र के पारा गांव निवासी इंद्रपाल मौर्या बीते मंगलवार को पत्नी शकुंतला के साथ बाइक से शाहगंज दवा लेने गए थे। वहां से तीन बजे उन्होंने परिजनों को फोन कर बताया कि वे घर के लिए निकल रहे हैं। देर शाम तक वह घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उनके मोबाइल पर संपर्क करना शुरू किया।
कई प्रयास के बाद पौने नौ बजे फोन उठा तो इंद्रपाल ने इतना ही कहा कि वो बड़ी मुसीबत में हैं। इसके बाद फोन कट गया। परिजन अनहोनी की आशंका में तहरीर लेकर अहरौला थाने पहुंचे तो एसओ ने मुकदमा नहीं दर्ज किया। इस पर इंद्रपाल के भतीजे प्रदीप कुमार मौर्या ने एसपी से संपर्क किया। एसपी के निर्देश पर 24 घंटे बाद बुधवार की शाम तीन के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ। नामजद आरोपियों में पक्खनपुर गांव निवासी मकरंदा सिंह, उनके भाई नगीना सिंह व नगीना की पत्नी शामिल हैं।
वहीं बृहस्पतिवार की सुबह दंपती की बरामदगी के लिए पारा गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने अहरौला थाने पहुंच कर घेराव-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस मामले में लापरवाही बरत रही है। इस पर पुलिस ने ग्रामीणों को डरा-धमका कर थाने से भगा दिया। प्रदर्शन के तीन घंटे बाद फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के अंबारी बाजार स्थित जनता इंटर कॉलेज के सामने साढ़े ग्यारह बजे अपहृत दंपती का शव सड़क किनारे स्थित गड्ढे में पड़ा मिला। पास में ही उनकी बाइक पड़ी थी।
राहगीरों ने शव देख पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची फूलपुर कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंद्रपाल एक पुत्र व दो पुत्रियों के पिता थे। फुलवरिया बाजार के सजनी मोड़ पर उनकी बिसाता की दुकान थी।