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 आजमगढ़ में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से गैंगेस्टर कोर्ट में हुई मुख्तार अंसारी की पेशी

Thu, 22 Apr 2021 05:33 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़

सार

20 मिनट की पेशी के दौरान गुहार लगाता रहा मुख्तार, पंजाब से यूपी के बांदा जेल लाए जाने के बाद से ही पेशी की थी चर्चा
मऊ कोर्ट में भी मुख्तार की वीडियो कांफ्रेंसिंग से र्हुई पेशी, अगली पेशी के लिए 26 अप्रैल की तिथि तय
 
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मुख्तार अंसारी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मऊ सदर के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के खिलाफ आजमगढ़ के तरवां थाने में दर्ज गैंगेस्टर के मुकदमे में बृहस्पतिवार को उसकी पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के गैगेस्टर कोर्ट में हुई। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते मुख्तार की पेशी सीधे न्यायालय में नहीं कराई गई। पूर्व निर्धारित तिथि के अनुरूप बृहस्पतिवार को वह बांदा जेल से ही वीसी के माध्यम से कोर्ट में पेश हुआ।

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वर्ष 2014 में ठेकेदारी के वर्चस्व को लेकर मुख्तार अंसारी के गुर्गो ने तरवां के ऐरा कला में सड़क का निर्माण करा रहे एक ठेकेदार पर जानलेवा हमला किया था। जिसमें ठेकेदार तो बच गया था लेकिन उसके दो मजदूर गोली लगने से घायल हो गए थे। एक मजदूर की इलाज के दौरान मौत भी हो गई थी। 2014 की इस घटना को लेकर मुकदमा तो दर्ज हुआ था लेकिन मुख्तार के राजनीतिक कद के चलते सबकुछ ठंडे बस्ते में चला गया।

योगी सरकार ने मुख्तार को प्रदेश के टॉप टेन अपराधियों की सूची में शामिल किया और शिकंजा कसना शुरू किया। तत्कालीन एसपी त्रिवेणी सिंह ने तरवां के ऐराकला में हुई ठेकेदार पर फायरिंग मामले में मुख्तार समेत उसके 10 सहयोगियों पर गैंगेस्टर लगा दिया। इसके बाद से ही मुख्तार की गैंगेस्टर कोर्ट में पेशी की कवायद चल रही है। मुख्तार पंजाब के रूपनगर जेल में बंद था। गैंगेस्टर कोर्ट द्वारा वारंट बी जारी किए जाने पर वह जेल से ही मेडिकल लगा देता था। इसके चलते उसकी जिला गैंगेस्टर कोर्ट में पेशी नहीं हो पा रही थी।

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वहीं सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर मुख्तार जब प्रदेश के बांदा जेल आ गया तो उसकी पेशी की राह सुलभ हो गई। इस बीच कोरोना का संक्रमण बढ़ जाने के चलते वीसी के माध्यम से उसकी गैगेस्टर कोर्ट में पेशी हुई। सूत्रों के अनुसार 20 मिनट की पेशी के दौरान मुख्तार गुहार ही लगाता रहा और प्रदेश सरकार पर यह आरोप लगाया कि विद्वेष की भावना से उसे परेशान किया जा रहा है। जेल में अपनी सुरक्षा को लेकर भी उसने प्रश्नचिन्ह उठाए। मुख्तार अंसारी की तरफ से उसके अधिवक्ता दरोगा सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि पेशी के दौरान मुख्तार ने बताया कि जेल में उसे परिजनों से भी बात नहीं करने दिया जा रहा है। जेल मैनुवल के हिसाब से उसे सुविधाएं नहीं उपलब्ध कराई जा रही है।

पूछताछ के लिए बांदा जेल जा सकती है पुलिस
आजमगढ़ में गैंगेस्टर मामले में मुख्तार की पेशी वीसी के माध्यम से हुई है। जिसके चलते विवेचक की तरफ से कोई पूछताछ उससे नहीं की जा सकी है। विवेचक ने कोर्ट से मुख्तार से पूछताछ की अनुमति मांगी है। कोर्ट ने यदि अनुमति दे दिया तो जल्द ही जनपद पुलिस की टीम बांदा जेल मुख्तार अंसारी से पूछताछ को भी जा सकती है। विवेचक के मांग पर कोर्ट का क्या निर्देश हुआ है। इसकी जानकारी अभी नहीं हो सकी है
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मऊ कोर्ट में भी मुख्तार की वीडियो कांफ्रेंसिंग से र्हुई पेशी, अगली पेशी के लिए 26 अप्रैल की तिथि तय
मऊ में फर्जी पते से असलहा लाइसेंस जारी कराने के मामले में आरोपी मुख्तार अंसारी की बांदा जेल से बृहस्पतिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सीजेएम कोर्ट में पेशी हुई। सीजेएम के अवकाश पर होने के चलते मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। प्रभारी सीजेएम अलका नेहल ने मुख्तार अंसारी के लिए चार दिन की न्यायिक अभिरक्षा का रिमांड स्वीकृत करते हुए सुनवाई के लिए 26 अप्रैल की तिथि तय की। मामला दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है।

 अभियोजन के अनुसार तत्कालीन थानाध्यक्ष दक्षिण टोला परमानंद मिश्रा की तहरीर पर 5 जनवरी 2020 में आयुध अधिनियम और जालसाजी के मामले में रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें मुख्तार अंसारी सहित छह लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि मुख्तार अंसारी की सिफारिश पर डीएम ने कुछ लोगों को असलहा लाइसेंस जारी किया था। बाद में जांच के दौरान उनके नाम पते फर्जी पाए गए। इस पर मुख्तार अंसारी सहित सभी लोगों के विरुद्ध दक्षिण टोला थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने विवेचना के बाद मुख्तार अंसारी सहित सभी के विरुद्ध आरोप पत्र सीजेएम कोर्ट में पेश किया। इस मामले में वृहस्पतिवार को मुख्तार की पेशी थी। बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सीजेएम कोर्ट में पेशी हुई।
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