आजमगढ़। दहेज हत्या के एक मामले में अदालत ने बुधवार को आरोपी पति को आठ वर्ष, सास और ससुर को सात-सात वर्ष कैद की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक को छह-छह हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। यह सजा अपर सत्र न्यायाधीश शिवचंद की अदालत ने सुनाई। घटना महराजगंज थाना क्षेत्र की है।
जिला अंबेडकर नगर के जहांगीरगंज थाना क्षेत्र के बंगालपुर निवासी रामअचल की पुत्री सबिता की शादी सात मार्च 2014 को महराजगंज थाना क्षेत्र के जदीद देवारा गांव निवासी नंदलाल पुत्र इंद्रदेव के साथ हुई थी। शादी के बाद विवाहिता विदा होकर जब अपनी ससुराल गई तो उसके घर वाले दहेज में मोटर साइकिल और पचास हजार नकदी की मांग करने लगे। मांग पूरी होते न देख उसके ससुराल वाले सबिता को तरह-तरह से उत्पीडन करते थे। इसी मांग को लेकर विवाहिता की 17 दिसंबर 2014 को हत्या कर दी। इस मामले में मृतका के पिता रामअचल ने महराजगंज थाने में ससुराल वालों के विरुद्ध दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस जांच के बाद आरोपित विवाहिता के पति नंद लाल, सास कलावती, ससुर इंद्रदेव के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता जगदंबा प्रसाद पांडेय और विक्रम पटेल ने इस मुकदमे के वादी रामअचल, प्रेमा देवी, कविता, कांस्टेबुल राहुल यादव, डा.रईस अहमद, उप निरीक्षक फरीद मोहम्मद, विवेचक सीओ बिजेंद्र, तहसीलदार मिश्री सिंह को बतौर साक्षी अदालत में पेश किया और तर्को को रखा। अदालत ने उभय पक्षों के तर्को को सुनने के बाद आरोपित पति नंदलाल, कलावती और इंद्रदेव को दोषी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया।