मिठाई खिलाते कार्यकर्ता
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इसके बाद उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के वित्तविहीन गुट का गठन किया था। 2014 में वे गोरखपुर से और 2017 में बुंदेलखंड से शिक्षक एमएलसी का चुनाव चड़ चुके हैं। दोनों ही बार उन्हें हार का समना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। आखिरकार उन्हें जीत मिली। लालबिहारी यादव के दो पुत्र हैं। एक पुत्र राधेश्याम यादव आयरलैंड में इंजीनियर हैं।
दूसरे पुत्र कृष्णानंद यादव श्री दुर्गाजी पीजी कालेज से बीएड कर रहे हैं। फिलहाल परिवार के सदस्य वाराणसी में ही जमे हुए हैं। क्षेत्र में उनकी जीत की सूचना मिलते ही खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोग परिवार के वापस आने का इंतजार कर रहे हैं। उनके भाई हरेंद्र यादव ने बताया कि अभी परविार के सभी सदस्य वाराणसी में ही है। सभी के खुशी का ठिकाना नहीं हैं। सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने इसे सपा की नीतियों और समाजवाद की जीत बताई है।